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कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर मलेरिया प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई, 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर मलेरिया प्रभावित ग्राम विमलता एवं रफता में स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच, उपचार एवं मलेरिया नियंत्रण की व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने आज जिला मलेरिया अधिकारी, बीएमओ एवं बीपीएम के साथ प्रभावित ग्रामों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम द्वारा संचालित रैपिड फीवर सर्वे, संदिग्ध मरीजों की मलेरिया किट से जांच, रक्त स्लाइड संग्रहण, दवाइयों की उपलब्धता तथा लार्वा नियंत्रण संबंधी गतिविधियों का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक बुखार पीड़ित एवं उसके परिवार के सदस्यों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी रखी जाए।सीएमएचओ ने बताया कि मलेरिया एक परजीवी जनित रोग है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षण तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी, उल्टी एवं अत्यधिक पसीना आना हैं। समय पर जांच एवं उपचार नहीं मिलने पर यह रोग गंभीर रूप ले सकता है।उन्होंने बताया कि कोरबा विकासखंड के ग्राम विमलता एवं रफता में अब तक 41 मलेरिया पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर दोनों ग्रामों में 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात की गई है। टीम द्वारा लगातार रैपिड फीवर सर्वे, मलेरिया जांच, रक्त स्लाइड संग्रहण तथा मरीजों का उपचार किया जा रहा है। सामान्य मरीजों का उपचार मौके पर किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा रहा है। मलेरिया की सभी आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा स्थिति नियंत्रण में है।आज एक गंभीर मरीज को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्यांग की एंबुलेंस भी प्रभावित क्षेत्र में तैनात की गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर बुखार सर्वे कर रही है तथा प्रत्येक बुखार पीड़ित की तत्काल मलेरिया जांच की जा रही है।

जांच में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों का समय पर पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, पानी जमा नहीं होने देने तथा खाने-पीने की वस्तुओं को ढंककर रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिलेवासियों से अपील की है कि बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं। रात में नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों एवं अन्य जल पात्रों को ढंककर रखें तथा पूरी बांह के कपड़े पहनें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं तथा आमजन के सहयोग, समय पर जांच और उपचार से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

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