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जंगल में आग रोकने व हाथियों की निगरानी के लिए तैयार हो रहे वॉच टॉवर

कोरबा।कोरबा जिले के जंगलों में फरवरी से अग्नि सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके साथ ही जिले के वनांचल क्षेत्रों में हाथियों की लगातार आमद बनी रहती है। ऐसे में जंगल को आग से बचाने और हाथियों की सही निगरानी के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा विभिन्न वन क्षेत्रों में लगातार वॉच टॉवर का निर्माण कराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि कोरबा वनमंडल के कई क्षेत्रों—विशेष रूप से कुदमुरा, करतला, पसरखेत, लेमरू और बालको रेंज—में हाथियों का बसेरा बना रहता है। यहां हाथियों की आवाजाही सबसे अधिक देखी जाती है। वहीं फरवरी के महीने से जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं, जो मार्च और अप्रैल में चरम पर होती हैं।

आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बन चुके वॉच टॉवर

वन विभाग द्वारा कोरबा वनमंडल के आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर वॉच टॉवर का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इनमें कुदमुरा वनपरिक्षेत्र के चिर्रा, गुरमा, पसरखेत रेंज के बताती, फूलसरी तथा करतला रेंज के संडेल क्षेत्र प्रमुख हैं। इसके अलावा गेरांव और गिद्धकुंवारी में भी लाखों रुपये की लागत से नए वॉच टॉवर बनाए जाने की तैयारी की जा रही है।

फायर सीजन में होगा सबसे ज्यादा उपयोग

वन विभाग के एसडीओ एस.के. सोनी ने बताया कि वॉच टॉवर का उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से जंगल में आग लगने की सटीक लोकेशन का तुरंत पता लगाया जा सकता है। साथ ही हाथियों की ट्रैकिंग और उनकी मौजूदगी की जानकारी भी आसानी से मिलती है।
उन्होंने कहा कि वॉच टॉवर से निगरानी करने पर जंगल की सुरक्षा और हाथियों की मॉनिटरिंग में तेजी आई है। फायर सीजन के दौरान अग्नि प्रहरी और वनकर्मी टॉवर पर चढ़कर आग की सही दिशा और क्षेत्र का पता लगाते हैं, जिससे समय पर नियंत्रण संभव हो पाता है।

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