भाटाे काे नहीं मिली नाैकरी ताे ग्रामीण बालकाे माइंस के गेट पर लहराने लगा टंगिया
एक सप्ताह से चल रहा ग्रामीण का आतंक, पहले तीर-धनुष, फरसा लेकर आ चुका, टंगिया लहराकर चमका रहा था बालकाे अधिकारियाें और कर्मचारियाें काे, गुलेल से करता है हमला

काेरबा। बालकाे के चाेटिया काेल माइंस में भांटाे काे मनचाहा नाैकरी नहीं मिलने पर समीपस्थ सलाईगाेट का रहने वाला जयनंदन नामक ग्रामीण का एक सप्ताह से बालकाे माइंस के गेट पर आतंक चल रहा है। जाे नशे में धुत्त हाेकर कभी तीर-धनुष ताे कभी फरसा और कभी टंगिया लेकर गेट के सामने पहुंच जाता है। जहां घंटाें तक चमकाते-धमकाते हुए भाटाे (जीजा) काे मनचाहा नाैकरी देने की मांग करता है।
हथियार के साथ ही हाथ में गुलेल रखकर वह उससे गेट, आसपास खड़े वाहन व समझाने पहुंचने वाले लाेगाें पर गिट्टी से हमला कर देता है। उसका आतंक इतना है कि जब तक वह गेट के सामने खड़ा हाेकर हंगामा करते आतंक मचाता है वहां के सुरक्षा कर्मी भी दुबक जाते हैं। गेट से आवाजाही बंद हाे जाती है।
अधिकारियाें की भी हिम्मत नहीं हाेती। शनिवार काे वह टंगिया लेकर गेट के सामने आ गया। जहां 5 घंटे तक वह आतंक फैलाता रहा। नशा जब ज्यादा चढ़ा ताे वह अगले दिन फिर आने की बात कहकर घर चला गया।