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शराब, जुआ की लत व कर्ज से परेशान होकर एसईसीएल कर्मी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

आत्महत्या से पहले एसईसीएल प्रबंधन, पुलिस व परिवार के लिए छोड़ा अलग-अलग सुसाइड नोट, पत्नी व बेटे के बजाए दो बेटी में से किसी एक को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग 

कोरबा। एक एसईसीएल कर्मी ने पत्नी के मार्निंग वॉक पर जाने के बाद अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे पहले लिखे गए सुसाइड नोट में उसने आत्महत्या करने की वजह शराब व जुआ की लत और लिए गए कर्ज से परेशान होने का उल्लेख किया है। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

घटना कुसमुंडा थाना अंतर्गत आदर्श नगर कालोनी में हुई। जहां क्वाटर नंबर एम-989 में एसईसीएल कर्मी रामलाल कुर्रे निवासरत था। जो गेवरा परियोजना में सीनियर डंपर ऑपरेटर था। रामलाल के तीन बच्चों में बड़ा बेटा अशोक 30 वर्ष, बेटी द्वय लक्ष्मी 21 वर्ष व शील्पा 20 वर्ष है। शनिवार की सुबह पत्नी शारदा देवी उठी तो रामलाल कमरे में सो रहा था। पत्नी उठकर मार्निंग वॉक करने चली गई। आधे घंटे बाद जब पत्नी लौटी तो कमरे का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। वहां पति रामलाल का शव जमीन पर पड़ा था, गले में फांसी के फंदा नजर आ रहा था। शारदा देवी ने परिजन को आवाज लगाई तो पुत्र अशोक कुर्रे वहां पहुंचा। जीवित बचने की उम्मीद से गले में बंधा फंदा उसने काटा लेकिन रामलाल की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस को दी। कुसमुंडा थाना से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जहां मौका निरीक्षण करने पर वह एसईसीएल प्रबंधन, पुलिस व परिवार के लिए लिखे गए अलग-अलग सुसाइड नोट मिले। सभी में अलग अलग बातों का जिक्र था। परिवार के लिए लिखे गए पत्र में शराब, जुआ का लत होने व कर्ज की वजह से परेशान होने का उल्लेख है। पुलिस ने जांच के लिए सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। कुसमुंडा थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा के मुताबिक मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की जा रही है। घटनास्थल पर मिलने सुसाइड नोट को जब्त कर हस्तलिपि विशेषज्ञ को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व हस्तलिपि रिपोर्ट आने पर वास्तविकता का पता चलेगा।

दोनों बेटी में से एक को अनुकंपा नियुक्ति की चाह 

रामलाल ने एसईसीएल गेवरा प्रबंधन को लिखे पत्र में निवेदन किया कि मेरे मरने के बाद मेरी जगह में मेरी दो बेटी में से किसी एक को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। बेटा व पत्नी की उम्र अधिक होने की बात कहते हुए उन्हें अनुकंपा नियुक्ति नहीं देने का उल्लेख है।

जिंदगी में कर्ज मत करना, लोन मत लेना

एक पत्र में रामलाल ने अपनी दोनों बेटियों को संबोधित करते हुए पीएफ, ग्रेज्युटी से मिलने वाली रकम का उल्लेख किया है। साथ ही 33 लाख रुपए से ज्यादा के कर्ज का ब्यौरा दिया है। जिसमें बताया कि 24 लाख रुपए होम लोन, 7 लाख रुपए पर्सनल लोन, 1 लाख रुपए समिति से, 1 लाख रुपए मोतीराम से व 85 हजार रुपए साहू भाई से लेने और सभी को पैसा मिलने पर छूट देने का उल्लेख है। साथ ही जिंदगी में कर्म मत करना, लोन मत लेना व मुझे माफ कर देना लिखा हुआ है। पत्र के किनारे में मैं अच्छा पति और अच्छा पापा नहीं बन पाया और अच्छा संस्कार नहीं दे पाया। मेरा जिंदगी जुआ और शराब में चला गया लिखा हुआ है।

मेरे परिवार वालों को प्रताड़ना व कष्ट न देवें

एक पत्र पुलिस के लिए लिखकर छोड़ा गया है जिसमें मैं जीना नहीं चाहता इसलिए खुदकुशी यानी आत्महत्या कर रहा हूं। मेरा परिवार से किसी प्रकार कोई झगड़ा, दबाव व मनमुटाव नहीं था। मेरा परिवार के तरफ से कोई शिकायत भी नहीं रहा था। इस खुदकुशी यानी आत्महत्या के संबंध में पुलिस प्रशासन से निवेदन है कि मेरा परिवार वालों को किसी भी प्रकार का प्रताड़ना व कष्ट न देवें।