वनांचल में नदी पूजन के साथ जल संरक्षण का संदेश, एकल अभियान ने ग्रामीणों के साथ चलाया जनजागरण अभियान

कोरबा।गंगा दशहरा पर्व के पावन अवसर पर एकल अभियान अंचल कोरबा के गतिविधि विभाग द्वारा सुदूर वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में “नदी पूजन दिवस” बड़े ही श्रद्धा, आस्था एवं उत्साह के साथ मनाया गया।
कोरबा जिले में संचालित स्वयंसेवी संस्था एकल अभियान के अंतर्गत चल रहे एकल विद्यालय ग्रामों में यह कार्यक्रम ग्रामवासियों की सहभागिता से भव्य रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम आचार्यों द्वारा दीवाल लेखन कर जल, जंगल, जमीन संरक्षण हेतु प्रेरणादायक संदेश दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान गांवों में स्थित नदी, तालाब, कुआं, हैंडपंप, बोर एवं डूबान स्थलों का विधिवत पूजन किया गया। ग्राम समिति, ग्राम प्रमुख, सत्संग प्रमुख, आचार्य एवं एकल अभियान के कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति में जल स्रोतों के महत्व को लेकर विशेष जनजागरण किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। कई ग्रामों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई तथा जल स्रोतों के समीप स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। ग्रामीणों ने जल को जीवन का आधार बताते हुए जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
एकल अभियान के कार्यकर्ताओं एवं ग्राम प्रमुखों द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि “नदी पूजन दिवस” केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संदेश भी देता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में नदियों को माता का दर्जा दिया गया है। नदी, तालाब और कुएं केवल जल के स्रोत नहीं, बल्कि ग्राम जीवन की पहचान और आधार हैं। वर्तमान समय में बढ़ते जल संकट और प्रदूषण को देखते हुए समाज को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
एकल अभियान द्वारा वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य, ग्राम विकास एवं सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। “नदी पूजन दिवस” के माध्यम से ग्रामीण समाज को अपनी संस्कृति और प्रकृति से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया गया।
इस कार्यक्रम ने सुदूर वनांचल क्षेत्रों में ग्रामवासियों के बीच नई चेतना और जागरूकता का संदेश दिया। ग्रामीणों ने जल स्रोतों की रक्षा, स्वच्छता बनाए रखने एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। एकल अभियान अंचल कोरबा की यह पहल ग्रामीण समाज में संस्कृति, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरण का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रही है।
