पिपरिया-सिर्री का पटवारी टेबल के नीचे गिन रहा था नोट, कथित रिश्वत लेने के नाम से वीडियो वायरल, पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम ने किया सस्पेंड, जांच का आदेश
पोड़ी उपरोड़ा। जिले के पसान क्षेत्र से राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। हल्का नंबर-10 (पिपरिया, सिर्री) में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई की है।

वायरल वीडियो में पटवारी एक ग्रामीण किसान से नकद राशि लेते हुए नजर आ रहा है। आरोप है कि वन अधिकार पट्टा ऑनलाइन प्रविष्टि कराने के नाम पर किसानों से पैसे वसूले जा रहे थे। यह मामला पिपरिया ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम तेंदुपारा का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में नामांतरण, खसरा बी-1 और वन अधिकार पट्टा जैसे राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बिना पैसे कोई काम नहीं होता। ग्रामीणों के अनुसार वन पट्टा ऑनलाइन करने के लिए 5 हजार रुपए और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार रुपए तक की मांग की जाती है, जिससे गरीब और आदिवासी किसान लंबे समय से परेशान हैं।
सोशल मीडिया एवं वेब न्यूज के माध्यम से मामला सामने आने के बाद पोड़ी एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पटवारी विनोद अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसीलदार कार्यालय पसान नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है और लोगों को उम्मीद है कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।
