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सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ शीघ्र: कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को दिए निर्देश, 24×7 मिलेगा समाधान

कोरबा।राज्य में शीघ्र प्रारंभ होने वाले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के जिले में प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पोर्टल से प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने निर्देशित किया। इस हेतु विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों में पोर्टल संचालन हेतु एक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने की हिदायत दी। साथ ही आवेदनों के निराकरण में समयावधि पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। जिला कार्यालय के शिकायत शाखा में सीएम हेल्पलाइन प्रकोष्ठ तैयार करने हेतु निर्देशित किया।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए ऑनलाइन शिकायत पंजीयन एवं विभिन्न स्तर पर मॉनिटरिंग व निराकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया को समझाया एवं पोर्टल के विभिन्न लेयर व उनके कार्यों की भी जानकारी दी।
कलेक्टर दुदावत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं तक सरल पहुंच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम उपलब्ध कराना है।
उन्होंने निर्देशित किया कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने और शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात कही।
दुदावत ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 सहित वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक मल्टी चैनल के किसी भी माध्यम से कॉल करके 24×7 अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकता है।
शिकायत दर्ज होते ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी, जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत की पूरी स्थिति—किस विभाग में, किस अधिकारी के पास लंबित है और कार्यवाही हुई या नहीं—इसके साथ ही समाधान में कितना समय लगेगा, इसकी विस्तृत जानकारी मिलेगी। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग और अधिकारी तक तुरंत पहुंचाया जाएगा।
यह पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसमें नागरिकों के फीडबैक की सुविधा होगी। समाधान होने के बाद संबंधित नागरिक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं।
यदि व्यक्ति समाधान से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि कोई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वतः सक्रिय हो जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण किरण, डीएफओ कोरबा प्रेमलता यादव, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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