धान खरीदी से पहले सरकार का बड़ा फैसला: सह-खातेदारों के एग्रीस्टैक पंजीयन की अनिवार्यता खत्म

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी राहत दी है। संयुक्त खातों में दर्ज सभी सह-खातेदारों का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अब आवश्यक नहीं होगा। धान बिक्री के लिए केवल लंबरदार का एग्रीस्टैक पंजीयन होना जरूरी रहेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 5 अक्टूबर को इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किया है।
दरअसल, जून में जारी दिशा-निर्देशों के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में सभी श्रेणी के किसानों के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य किया गया था। संयुक्त खातों को लेकर यह स्थिति बनी थी कि खाते में दर्ज प्रत्येक सह-खातेदार को भी अलग से पंजीयन कराना होगा। इससे किसानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी और पंजीयन केंद्रों पर भीड़ बढ़ रही थी।
महिला सह-खातेदारों को भी थी परेशानी
सभी सह-खातेदारों के पंजीयन की अनिवार्यता से खासतौर पर उन महिला खातेदारों को परेशानी हो रही थी, जिनका विवाह हो चुका है और वे दूसरे स्थानों पर निवास कर रही हैं। उन्हें भी एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए मोबाइल ओटीपी सहित अन्य प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही थी।
अब केवल लंबरदार का पंजीयन जरूरी
शासन के नए स्पष्टीकरण के अनुसार संयुक्त खाते में धान विक्रय के लिए केवल लंबरदार का एग्रीस्टैक पंजीयन आवश्यक है। सह-खातेदारों को अलग से एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, शासन के पूर्व में जारी अन्य दिशा-निर्देश यथावत रहेंगे।
किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
सह-खातेदारों के अलग-अलग पंजीयन की बाध्यता खत्म होने से संयुक्त खातों वाले किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पंजीयन की प्रक्रिया सरल होगी और धान खरीदी से पहले किसानों को बार-बार पंजीयन केंद्रों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।
खाद्य विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टर , संबंधित विभागीय अधिकारियों और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ को शासन के नए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


