कोरबा

जंगल से गुजरते समय 11 केवी के एचटी लाइन के तार को दंतैल हाथी ने सूढ़ में पकड़ा, करंट से हो गई मौत, वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची 

कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र के तनेरा सर्किल के जंगल की घटना, दो पहाड़ी के बीच से गुजरी है लाइन, तार निर्धारित ऊंचाई से नीचे बिछी, आखिर किसकी लापरवाही से गजराज समा गया काल के गाल में एक-दूसरे पर झाड़ रहे हैं पल्ला

कोरबा। कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र के तनेरा सर्किल के जंगल में दो पहाड़ी के बीच से बने पगडंडी रास्ते से गुजरते समय हाथियों के झुंड में शामिल एक हाथी ने ऊपर से गुजरी 11 केवी के हाईटेंशन लाइन के तार को सूढ़ में पकड़ने का प्रयास किया। जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। बताया जाता है कि आसपास के गांव में बिजली सप्लाई के लिए दोनों पहाड़ी के बीच से गुजरी 11 केवी के हाईटेंशन लाइन की तार निर्धारित ऊंचाई से नीचे होने के कारण उक्त घटना हुई है। कटघोरा वन मंडल के एक हिस्से में हाथियों के झुंड ने रहवास की तरह बना लिया है ऐसे में जरूरत है कि हाथी मानव द्वंद रोकने के साथ ही हाथियों के सुरक्षा के लिए भी प्रर्याप्त उपाय किया जाना चाहिए।

सुरक्षा के नाम करोड़ों खर्च, फील्ड में कोई इंतजाम नहीं 

कटघोरा वन मंडल के पसान, जटगा, कोरबी और मोरगा क्षेत्र के जंगल की आबोहवा हाथी को रास आ गई है इसलिए लंबे समय से हाथी आमोदरफ्त के बाद अब कटघोरा का जंगल उनका रहवास भी बन गया है। ऐसे में हाथियों की सुरक्षा के बजाय इसके नाम पर जिम्मेदार विभाग महज ढिंढोरा पीट रहे हैं। दरअसल बार-बार वन विभाग के अधिकारी जंगल में गुजरे विद्युत विभाग के तारों को हटाने के लिए सर्वे करते हैं और सर्वे की रिपोर्ट संबंधित बिजली विभाग को सौप भी जाता है लेकिन तार न हटने और ऐसे में हाथी की मौत हो जाना विभागों के कार्य शैली पर सवाल खड़े होते हैं। निश्चित तौर पर हाथी की मौत से विभाग को सबक लेना चाहिए और वरिष्ठ अफसर को मामले की जांच कर जो भी अफसर या कर्मचारी दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि भविष्य में अब इस तरह की घटना ना हो। कटघोरा वन मंडल में लगातार हाथियों की मौत से लगातार सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ महीनो के दौरान दो शवकों की भी मौत हो गई थी। लोग इसको भूल भी नहीं पाए थे कि फिर से एक गजराज की मौत हो जाना विभाग के कार्य शैली पर सवाल खड़े करते हैं।