कोरबा के पटपरा में राशन घोटाले पर बड़ा एक्शन: उचित मूल्य दुकान निरस्त, अध्यक्ष-सचिव समेत 3 पर FIR के निर्देश
562 हितग्राहियों के नाम पर फर्जी वितरण, 400 से ज्यादा को नहीं मिला राशन—चावल का भारी गबन उजागर
कोरबा। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत पटपरा की शासकीय उचित मूल्य दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही राशन गबन के मामले में संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं एसडीएम पाली रोहित सिंह ने बताया कि महिला जागृति स्व सहायता समूह भोड़कछार द्वारा संचालित इस दुकान के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद 30 मार्च 2026 को हल्का पटवारी द्वारा आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया गया।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जनवरी 2026 में 562 राशनकार्ड धारियों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान तो ले लिए गए, लेकिन वास्तव में केवल 140 से 150 लोगों को ही राशन वितरित किया गया। शेष 400 से अधिक हितग्राहियों को बिना राशन दिए ही रिकॉर्ड में वितरण दर्शा दिया गया।
इसके अलावा मार्च 2026 के आवंटन में से 154 क्विंटल चावल का वितरण नहीं किया गया और भौतिक सत्यापन में 50 किलो चावल स्टॉक में कम पाया गया। जांच के दौरान संबंधित समूह द्वारा स्टॉक और वितरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे गबन और वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई।
प्रशासन ने इस गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए महिला जागृति स्व सहायता समूह का अनुबंध और अधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है तथा जमा की गई सुरक्षा राशि को राजसात कर लिया है। आम जनता को राशन मिलने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान का संचालन अस्थायी रूप से ग्राम पंचायत पटपरा को सौंप दिया गया है।
वहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदार पाए गए समूह की अध्यक्ष कांति बाई, सचिव अनिता और विक्रेता रविन्द्र कुमार के खिलाफ पाली थाना में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


