कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं पर कलेक्टर सख्त: टीबी मुक्त अभियान, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य में 100% लक्ष्य, डोर-टू-डोर सर्वे से आभा-आयुष्मान कवरेज और अधोसंरचना कार्यों में तेजी के निर्देश

कोरबा। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध हो तथा अस्पतालों का संचालन निर्धारित समय पर किया जाए।
बैठक में टीबी मुक्त अभियान, मलेरिया, कुष्ठ, सिकलसेल स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, एनसीडी, एनआरसी सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने टीबी उन्मूलन अभियान में तेजी लाने, संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने और निक्षय मित्र योजना में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।
आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड निर्माण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छूटे हुए पात्र हितग्राहियों के लिए डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मातृ-शिशु स्वास्थ्य के तहत अधिकाधिक एएनसी पंजीकरण, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान और शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण तथा यू-विन पोर्टल पर डाटा एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, एनआरसी केंद्रों में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी बनाए रखने और भर्ती बच्चों के परिजनों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
स्वास्थ्य अधोसंरचना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्माणाधीन कार्यों को तेजी से पूर्ण करने, जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार, बाउंड्रीवॉल, बोरवेल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर पूर्णता प्रमाण पत्र जमा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एनएचएम के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने, दूरस्थ क्षेत्रों में लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा डीएमएफ से नियुक्त विशेषज्ञों की सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


