Uncategorized

विश्व क्षय दिवस पर देवपहरी पंचायत में जागरूकता अभियान, टीबी मुक्त गांव का लिया संकल्प

कोरबा। हर वर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को टीबी (क्षय रोग) जैसी गंभीर एवं संक्रामक बीमारी के प्रति जागरूक करना और समाज में फैली भ्रांतियों व कुरीतियों को दूर करना है।
इसी क्रम में देवपहरी पंचायत में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि आज के समय में टीबी अब लाइलाज नहीं है, बल्कि इसका उपचार पूरी तरह संभव है। समय पर जांच और नियमित दवा सेवन से इस बीमारी को नियंत्रित कर पूर्णतः ठीक किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि दवा शुरू होते ही कुछ ही दिनों में संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है।

टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होने वाला संक्रामक रोग है, जो हवा के माध्यम से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, भूख न लगना, वजन कम होना, कमजोरी और रात में पसीना आना शामिल हैं। गंभीर स्थिति में बलगम के साथ खून आना, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द भी हो सकता है।
ग्रामीणों को सलाह दी गई कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता या नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर बलगम जांच, एक्स-रे, ट्रूनॉट या सीबी-नॉट जांच कराएं। टीबी की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।
सरकार की “निक्षय मित्र” योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण सहायता भी दी जाती है, जिसमें मूंगफली, दूध, अंडा, दाल और सोयाबीन जैसी सामग्री शामिल है।
कार्यक्रम में गौतम सर एवं गौतम मैडम, आरएचओ मधुसूदन देवांगन, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने टीबी मुक्त गांव और टीबी मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया तथा जागरूकता शपथ भी ली।
उल्लेखनीय है कि इस सराहनीय कार्य के लिए देवपहरी पंचायत को कलेक्टर कार्यालय में सम्मानित किया गया। साथ ही लेमरू सेक्टर के गढ़ उपरोड़ा, बड़गांव और नकिया पंचायतों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान मिला।
अंत में संदेश दिया गया—
“टीबी मिटेगा जनभागीदारी से, टीबी हारेगा – देश जीतेगा।”

Oplus_131072

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *