कटघोरा में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा, 100 दिवसीय टीबी खोज अभियान की तैयारी तेज करने के निर्देश

कटघोरा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त जिला नोडल अधिकारी, डीपीएम, जिला सलाहकार, बीपीएम कटघोरा सहित कटघोरा ब्लॉक के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) उपस्थित रहे।

बैठक में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ ने आगामी 24 अप्रैल से शुरू होने वाले 100 दिवसीय टीबी खोज अभियान की तैयारी तेज करने के निर्देश दिए। इसके तहत सभी मितानिनों का प्रशिक्षण कराने और हाई रिस्क गांवों के लोगों की जानकारी निक्षय पोर्टल में दर्ज करने के लिए कहा गया। निक्षय पोर्टल में अब तक की एंट्री संतोषजनक नहीं पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए दो दिवस के भीतर सभी लंबित एंट्री पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिन स्थानों पर एक्स-रे जांच की जा रही है, वहां जांच रिपोर्ट को तत्काल पोर्टल में अपडेट करने के लिए भी कहा गया।
मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान आरसीएच-2 में डेटा का शत-प्रतिशत वेरिफिकेशन कर आवश्यक सेवाएं देने के निर्देश दिए गए। कटघोरा ब्लॉक की उपलब्धि अन्य ब्लॉकों की तुलना में कम होने पर नाराजगी जताते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए कहा गया। साथ ही सभी एएनसी माताओं की चार बार जांच, उन्हें 100 प्रतिशत आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) व कैल्शियम की गोलियां उपलब्ध कराने तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों में पीएसएमए दिवस पर महिला रोग विशेषज्ञ से जांच कराने को भी कहा गया।
गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सभी पंजीकृत लोगों की हाइपरटेंशन, शुगर और कैंसर सहित अन्य बीमारियों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग करने तथा चिन्हित मरीजों का नियमित फॉलोअप कर उन्हें नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए गए।
मेंटल हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत शराब और तंबाकू का सेवन करने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग करने को कहा गया।
सिकल सेल एनीमिया कार्यक्रम में सोनपुरी, बिरदा, भिलाईबाजार, रंजना, दीपका और प्रगतिनगर क्षेत्रों में स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
वहीं सियान जतन कार्यक्रम के तहत नेहरूनगर, देवरी, दीपका और नवागांवकला का रिपोर्ट एंट्री नहीं होने पर सभी डेटा जल्द पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी छूटे हुए लोगों का आभा आईडी बनाकर उसे एनसीडी पोर्टल से लिंक करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।



