एनसीसी कैंप में लगी ‘ट्रैफिक की पाठशाला’: कैडेट्स ने सीखे सड़क सुरक्षा के गुर

कोरबा। शहर के वीआईपी रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में इन दिनों अनुशासन और राष्ट्र सेवा का जज्बा परवान चढ़ रहा है। 1 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी, कोरबा द्वारा आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक एवं संयुक्त प्रशिक्षण शिविर में कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को शिविर में ‘यातायात की पाठशाला’ लगाई गई, जिसमें भविष्य के इन प्रहरियों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर में कोरबा ट्रैफिक पुलिस की टीम विशेष रूप से पहुंची थी। एएसआई मनोज राठौर के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने कैडेट्स को सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित सफर के लिए आवश्यक संकेतों के बारे में बताया। टीम में हेड कांस्टेबल शंकरधर, कांस्टेबल गीतेश देवांगन, संजय लहरे और राम प्रसाद खैरवार शामिल थे।

पुलिस टीम ने कैडेट्स को बताया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अनमोल जीवन की रक्षा के लिए अनिवार्य है। पाठशाला के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई:

यातायात संकेत: सड़क किनारे लगे विभिन्न बोर्ड और लाइट सिग्नल का सटीक अर्थ।
दस्तावेज और सुरक्षा: वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट और वैध दस्तावेजों की अनिवार्यता।
अनुशासन: सड़क पर लेन ड्राइविंग और ओवरटेकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां।

अनुशासन और नेतृत्व का संगम
इस 10 दिवसीय शिविर में कोरबा सहित आसपास के कई जिलों के एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। कैंप में उन्हें केवल हथियार चलाना या शारीरिक प्रशिक्षण ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए इस तरह के जागरूक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस की टीम ने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे वर्दीधारी संगठन के सदस्य होने के नाते समाज में ‘ट्रैफिक एंबेसडर’ की भूमिका निभाएं और अपने आसपास के लोगों को भी इन नियमों के प्रति जागरूक करें। कैडेट्स ने भी पूरे उत्साह के साथ ट्रैफिक संकेतों को समझा और भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया।


