कबाड़ चोरों ने नहीं बल्कि ठेका कंपनी के ही जेसीबी ऑपरेटर व अन्य कर्मचारी ने मिलकर की थी रेलवे सामग्री की चोरी, पुलिस ने किया गबन का भंडाफोड़, दोनों आरोपी गिरफ्तार, 25 लाख का माल जब्त

रेलवे सामग्री चोरी-गबन का भंडाफोड़, तेजबहादुर पटेल और राहुल मरकाम की संलिप्तता उजागर – दो आरोपी गिरफ्तार
कोरबा | कटघोरा गेवरा रोड से पेंड्रा रोड के बीच बन रही नई विद्युतीकृत डबल रेलवे लाइन के निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की चोरी व गबन के मामले में कोरबा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला किसी बाहरी गिरोह का नहीं, बल्कि कंपनी के भीतर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा किया गया सुनियोजित अपराध था।
शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी द्वारा थाना कटघोरा में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि रेलवे साइड सिंघिया एवं सुतर्रा स्थित स्टोर से लोहे के स्लीपर एवं अन्य निर्माण सामग्री चोरी कर गायब की जा रही है। शिकायत पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं एएसपी कटघोरा नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में एसडीओपी कटघोरा विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों, गार्डों एवं अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह मामला संस्था के भीतर से ही की गई भौतिक चोरी व गबन से जुड़ा है।
जांच में सामने आया कि –
▪️ तेजबहादुर पटेल (जेसीबी ऑपरेटर) ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई महीनों से रेलवे निर्माण सामग्री चोरी कर कबाड़ी को बेचकर अवैध लाभ अर्जित किया।
▪️ राहुल सिंह मरकाम भी इस चोरी-गबन की साजिश में बराबर का भागीदार था।
▪️ कुछ कर्मचारियों को दबाव में लेकर इस वारदात को बाहरी लूट दर्शाने की कोशिश की गई थी।
थाना कटघोरा में अपराध क्रमांक 43/2026 धारा 316(5), 317(2), 317(3), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से
✔️ जेसीबी वाहन
✔️ रेलवे लोहे के स्लीपर के टुकड़े
✔️ नगद राशि
जप्त की है, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹25,06,000 आँकी गई है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति और सार्वजनिक परियोजनाओं से जुड़ी चोरी, गबन व विश्वासघात पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

