अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामले में शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन

कोरबा। शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला आश्रम सरभोका के सहायक शिक्षक राजेश कुमार बंजारेअनुशासनहीनता और लापरवाही के मामले में शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन

शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला आश्रम सरभोका के सहायक शिक्षक राजेश कुमार बंजारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को शिक्षक के शराब के नशे में गांव में घूमने, शराब का सेवन करने और विद्यालय से अनुपस्थित रहने का एक वीडियो वायरल हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा ने इसकी जांच कर प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा को सौंपा था।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि शिक्षक अधिकांश समय विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
जारी आदेश में शिक्षक के इस कृत्य को घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता माना गया है। साथ ही, इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन बताया गया है।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 और 10 के तहत राजेश कुमार बंजारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है। साथ ही, उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को शिक्षक के शराब के नशे में गांव में घूमने, शराब का सेवन करने और विद्यालय से अनुपस्थित रहने का एक वीडियो वायरल हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा ने इसकी जांच कर प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा को सौंपा था।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि शिक्षक अधिकांश समय विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
जारी आदेश में शिक्षक के इस कृत्य को घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता माना गया है। साथ ही, इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन बताया गया है।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 और 10 के तहत राजेश कुमार बंजारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है। साथ ही, उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
