कोरबा

भाजपा नेताओं ने कहा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के तहत लखन लाल देवांगन मैदान में, एकजुटता से लड़ रहे चुनाव, कांग्रेस खेमे में मची खलबली

कोरबा। कोरबा विधानसभा क्षेत्र में गली गली में दो प्रमुख राजनैतिक पार्टियों के झंडे टंगने के बाद अब चुनावी रंग नजर आने लगा है। दोनों पार्टी के प्रत्याशियों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। एक ओर कांग्रेस की ओर से भाजपा में बिखराव होने का तो दूसरी ओर भाजपा की ओर से एकजुटता को देखकर कांगेस खेमे में खलबली मचे होने का दावा किया जाता है।

बयानबाजी के दौर में अब भाजपा नेताओं ने कहा कि कोरबा विधानसभा में इस भाजपा पहली बार संगठित होकर चुनाव लड़ रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिस रणनीति के तहत लखन लाल देवांगन पर भरोसा जताते हुए कोरबा विधानसभा से मैदान में उतारा अब उसका जमीनी स्तर पर असर दिखने लगा है। उनके एकजुटता का ही असर है कि कांग्रेस की रणनीति जमीनी स्तर पर विफल होते और उनके खेमे में खलबली मचते हुए दिख रही है।

भाजपा के मीडिया विभाग की ओर से बताया जाता है कि भाजपा प्रत्याशी लखनलाल देवांगन पुराने व आमजन के लोकप्रिय नेता है। वे चुनाव मैदान में आने के बाद जिला अध्यक्ष डॉ राजीव सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक चावलानी, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, कोषाध्यक्ष गोपाल मोदी, नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल, सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडे, वरिष्ठ भाजपा नेता केदारनाथ अग्रवाल को एक सुत्र में पिरोने में पूरी तरह कामयाब हो गए हैं। भाजपा पूरे दमखम से चुनाव लड़ती रही है। कोरबा विधानसभा सीट से लखन लाल देवांगन को विजयी बनाने के लिए अशोक चावलानी को चुनाव संचालन प्रभारी बनाया गया और लखनलाल के साथ पूर्व महापौर जोगेश लांबा समेत तमाम बड़े पदाधिकारी हर कदम में साथ चल रहे हैं उससे कांग्रेस में चिंता बढ़ गई है। कहा जाता है कि पुराने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में लखन और अशोक चावलानी की जबरदस्त पकड़ है। जोगेश लांबा के महापौर के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के साथ-साथ उनके साथ ज्यादा संख्या में भाजपा पार्षद भी थे। उन पार्षदों का आज भी अपने वार्ड में पकड़ है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल जिस तरह से बालको जाने क्षेत्र के वार्डों में अपनी पकड़ मजबूत करके रखे हुए हैं वहां कांग्रेस को बहुत बड़ा नुकसान होने की संभावना है।

समस्या निदान में फेल, कांग्रेस सिर्फ झंडे और शोर शराबा तक सीमित  

भाजपा प्रत्याशी लखन लाल देवांगन के मुताबिक शहर में जिस तरह से समस्या बढ़ी और उनका निदान करने में निगम और सरकार विफल रही है। इससे जनता के बीच नाराजगी इस हद तक है कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को कई जगह जनसभा से वापस लौटना पड़ रहा है। पुराने शहर के एक वार्ड में तो माननीय को लोगों की नाराजगी का सामना तक करना पड़ गया था। उन्होंने कहा कि निगम जनता की समस्या निदान करने में फेल है। कांग्रेस का प्रचार सिर्फ झंडे और शोर शराबा तक सीमित रह गया है।