Uncategorized

मकर संक्रांति के अवसर पर पहली बार बालकोनगर में दिखी अयोध्या की झलक, छठघाट में नाव पर राम-सीता और लक्ष्मण के साथ हनुमान आए नजर, 5100 दीपों से हुई महाआरती

कोरबा/बालकोनगर अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर मकर संक्रांति पर्व के दिन 14 जनवरी को बालकोनगर स्थित श्रीराम मंदिर छठघाट पर सरयू अयोध्या महाआरती का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल बालको प्रखंड द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने बालकोनगर को मानो अयोध्या की दिव्य भूमि में परिवर्तित कर दिया।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब छठघाट पर नाव के माध्यम से भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और भक्त हनुमान के सजीव स्वरूप श्रद्धालुओं के समक्ष प्रकट हुए। इस दृश्य ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

इस ऐतिहासिक आयोजन में महापौर संजू देवी राजपूत, जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी, पार्षद नरेंद्र देवांगन, हीतानंद अग्रवाल, अजय विश्वकर्मा, दिलेंद्र यादव एवं लोकेश चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बालकोनगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

भाजपा, विहिप एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। मकर संक्रांति पर्व के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
5100 दीपों से सजी महाआरती, हुआ रुद्राभिषेक
शाम 4 बजे से प्रारंभ हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में सरयू तट की तर्ज पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।

मुख्य आकर्षण इस प्रकार रहे—
5100 दीपों का प्रज्वलन: एक साथ प्रज्ज्वलित हजारों दीपों ने घाट को दिव्य प्रकाश से आलोकित कर दिया।
रुद्राभिषेक एवं पुष्पांजलि: 51 यजमानों द्वारा विधिवत रुद्राभिषेक तथा 108 पुष्पांजलि अर्पित की गई।
हनुमान चालीसा पाठ: कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुई, जिससे पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
भव्य आतिशबाजी: महाआरती के पश्चात रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
कष्ट निवारण दीपदान का विशेष आयोजन
इस अवसर पर कष्ट निवारण दीपदान का विशेष विधान भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और कष्टों के निवारण हेतु श्रद्धापूर्वक दीप अर्पित किए।
आयोजकों ने बताया कि श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ को चिरस्मरणीय बनाने के उद्देश्य से इस महाआरती का संकल्प लिया गया था, जिसे क्षेत्रवासियों के अपार जनसमर्थन से ऐतिहासिक सफलता मिली।

Oplus_131072

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *