नशे के खिलाफ रंग रंग के नशा शॉर्ट फ़िल्म का विमोचन, पुलिस अधिकारियों ने निभाई है भूमिका
पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के निजात अभियान पर बनी है फिल्म, कोरबा में पदस्थ रह चुके निरीक्षक पौरूष पुर्रे ने किया है खास रोल

छत्तीसगढ़। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह आईपीएस द्वारा बिलासपुर ज़िले में नारकोटिक्सड्रग्स अवैध नशा के ख़िलाफ़ एक जागरूकता और कार्यवाही निजात अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत ज़िला में एनजीओ, एनसीसी, एनएसएस, स्कूल बच्चे और टीचर ,प्रजापति ब्रह्मकुमारी ,सक्षम संस्था काउन्सलिंग करने वाले काउंसलर, पुलिस अधिकारी कर्मचारी और सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता गण की उपस्थित में ऑडिटोरियम बिलासपुर में कार्यक्रम कर रंग रंग के नशा नामक शॉट्स फ़िल्म का विमोचन किया गया जिसमें बिलासपुर पुलिस के निरीक्षक पौरूस पुर्रे, प्रदीप आर्या, कमला पुसाम, नवीन देवांगन और अन्य ने भूमिका निभाई है।
यूट्यूब चैनल में लांच, लिंक के जरिए मोबाइल पर दिखेगा फिल्म
नशा से होने वाले आर्थिक सामाजिक पारिवारिक मानसिक हानि होती है और पुलिस द्वारा अभियान के तहत अन्य सहयोगी संस्था के द्वारा मोटिवेट कर के नशा से दूर कर अच्छी जीवन यापन हेतु प्रतीत किया गया, जिसमें कई व्यक्ति ने नशा से दूर होकर ख़ुशी पूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे है इनकी सफलता को सक्सेस स्टोरी के माध्यम से बताया गया। जिसे यूट्यूब चैनल में लॉंच किया गया। आप अपने मोबाइल टीवी में यूट्यूब से देख सकते है।
कप्तान संतोष सिंह समेत बिलासपुर पुलिस की हो रही है सराहना
निजात के तहत अपराध में कमी होने के कारण ज़िले में सभी वर्ग के लोगो में उत्साह भर गया है और सभी ने शहर वासी, जनप्रतिनिधि, इण्डियन फ़िल्म स्टार, राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी बिलासपुर पुलिस खासकर पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह की सराहना की है और निजात अभियान में सहयोग दे रहे हैं।
निजात अभियान से अपराध में आ रही है कमी
निजात के तहत अभियान से प्रतिदिन जागरूकता कार्यक्रम नशा के विरुद्ध अपराध रोकथाम में कार्यवाही आईपीसी, सीआरपीसी के तहत् लगातार कारवाही और रोकथाम ज़िला में सभी थाना चौकी द्वारा किया जा रहा । जिससे अपराध में लगातार कमी आ रही है।
पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने कोरबा में चलाया था अभियान
बिलासपुर जिले से पहले पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने करीब 6 माह कोरबा में कप्तानी की। इस दौरान उन्होंने कोरबा में नशे के खिलाफ निजात अभियान चलाया था। उनके अभियान में हर वर्ग जुड़ गया था। शहरी क्षेत्र में के साथ ही सुदूर वनांचल क्षेत्रों में भी नशे के खिलाफ जागरूकता फैली थी जिससे दिनभर नशे में डूबे रहने वाले पहाड़ी कोरवा व अन्य वर्ग के ग्रामीण नशे को ना और जिंदगी को हां कहने लगे थे। गांव गांव में शराबबंदी होने लगी थी। नशे में लोग वाहन चलाना भूलने लगे थे। उनके निजात अभियान की हर कोई अब भी सराहना करता है।
रंग रंग के नशा शर्ट फ़िल्म देखने के लिए यह है लिंक
https://youtu.be/3WGJ29tlcWM?si=Qe-UboCO1p64uwZM