बरबसपुर में नए ट्रांसपोर्ट नगर की योजना को एसईसीएल और पर्यावरण विभाग के बाद अब हाईकोर्ट से भी लगा झटका
कलेक्टर और निगम कमिश्नर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइड लाइन का सख्ती से पालन का निर्देश

कोरबा। शहर से बाहर बरबसपुर में नया ट्रांसपोर्टनगर बसाने के नेताओं के ड्रीम प्रोजेक्ट पर एक के बाद एक ग्रहण लगता ही जा रहा हैं। एसईसीएल और पर्यावरण विभाग के बाद अब हाईकोर्ट ने याचिका पर सनुवाई करते हुए कोरबा कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइड लाइन का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश को बरबसपुर में नया ट्रांसपोर्ट नगर को बड़ा झटका माना जा रहा है।
आपको बता दे कि शहर के बीचों-बीच ट्रांसपोर्ट नगर स्थित है। शहर में यह आज एक बड़ी समस्या बन गई है। करीब 6 साल पहले ट्रांसपोर्टनगर को शहर से बाहर शिफ्ट करने का प्रयास शुरू हुआ। कई जगह जमीन तलाशने के बाद बरबसपुर में प्रस्तावित किया गया। प्रक्रिया अंतिम दिशा में पहुंच रही थी कि अब एक के बाद एक कर ग्रहण लगता जा रहा है। अब हाईकोर्ट में लगी एक याचिका ने भी बरबसपुर में नए ट्रांसपोर्टनगर की राह मुश्किल कर दी है। बताया जाता है कि हाईकोर्ट में लगी याचिका में स्टे लगाने की मांग की थी। इस पूरे प्रकरण में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट द्वारा बरबसपुर में नए ट्रांसपोर्ट नगर को प्रस्तावित स्टेज पर होने के कारण स्टे न देकर सारी प्रक्रिया में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का सख्ती से पालन का निर्देश दिया गया हैं।
याचिका में गाइड लाइन को आधार बनाकर रखी गई थी यह दलील
बरबसपुर में नगर निगम का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के नाम पर 72 एकड़ जमीन आबंटित है। इसी 72 एकड़ जमीन में से 40.36 एकड़ जमीन नए ट्रांसपोर्टनगर के लिए आबंटित कर प्रस्तावति किया गया हैं। जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के गाइड लाइन के मुताबिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के आसपास के 200 से 500 मीटर के दायरे में बफर जोन घोषित होने के साथ ही नो डेव्लपमेंट एरिया घोषित रहता है। हाईकोर्ट में लगी याचिका में दलील में इसका ही जिक्र किया गया था।
एसईसीएल और पर्यावरण विभाग ने नही दी एनओसी
हाईकोर्ट के इस आदेश से पहले पर्यावरण विभाग के साथ ही एसईसीएल ने बरबसपुर में प्रस्तावित नए ट्रांसपोर्टनगर को एनओंसी देने से इंकार कर दिया हैं। पर्यावरण विभाग ने जहां नगर निगम के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के कारण एनओसी नही दी तो एसईसीएल ने कोरबा क्षेत्र के बरबसपुर को कोल बेयरिंग क्षेत्र बताते हुए एनओसी जारी नही किया है।
