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जर्जर सड़क और उड़ती धूल से परेशान लखनपुर के ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

लखनपुर पेट्रोल पंप से बगदेवा मोड़ तक सड़क की बदहाली पर फूटा गुस्सा, सुबह 8.30 बजे से ठप रहा आवागमन; SECL और PWD के अधिकारी मौके पर पहुंचे

कोरबा/कटघोरा। जर्जर सड़क और उड़ती धूल से परेशान लखनपुर और सुतर्रा क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर नजर आया। सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास मुख्य मार्ग पर लखनपुर चौक के पास सुबह 8.30बजे से चक्काजाम शुरू कर दिया। आंदोलन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। बाद में SECL और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने तथा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम स्थगित कर दिया।

ग्रामीण लंबे समय से लखनपुर पेट्रोल पंप से बगदेवा मोड़ तक सड़क की खराब स्थिति और वाहनों के गुजरने से उड़ने वाली धूल से परेशान हैं। उनका कहना है कि जर्जर सड़क के कारण रोजाना आवागमन में दिक्कतें होती हैं। धूल के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, समस्या के समाधान की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई।

कई कार्यालयों में ज्ञापन सौंपकर दी थी आंदोलन की चेतावनी

सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पहले ही आंदोलन का ऐलान कर दिया था। अपनी मांगों के संबंध में उन्होंने एसडीएम कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा, तहसील कार्यालय, कटघोरा थाना और लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय में ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया था कि सड़क की बदहाली दूर करने के लिए ठोस पहल नहीं होने पर 16 अक्टूबर को लखनपुर चौक स्थित कटघोरा बाईपास मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा।

सुबह 8.30 बजे से शुरू हुआ चक्काजाम, दोनों ओर लगी वाहनों की कतारें

पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह लखनपुर सहित आसपास के ग्रामीण सड़क पर उतर आए और चक्काजाम शुरू कर दिया। इसके चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आंदोलन की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

SECL और PWD के अधिकारियों से हुई बातचीत

स्थिति को देखते हुए SECL और PWD के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन समाप्त करने के लिए समझाइश दी। ग्रामीणों ने सड़क की समस्या के समाधान को लेकर लिखित आश्वासन की मांग रखी। उनका कहना था कि केवल मौखिक आश्वासन से समस्या का समाधान सुनिश्चित नहीं होगा।

लिखित आश्वासन के बाद चक्काजाम स्थगित

अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम स्थगित कर दिया। इस तरह सड़क की बदहाली को लेकर शुरू हुआ आंदोलन लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हुआ।

अब ग्रामीणों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग सड़क की मरम्मत को लेकर कब और क्या कदम उठाते हैं। लंबे समय से जर्जर सड़क और उड़ती धूल की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को उम्मीद है कि लिखित आश्वासन के बाद उनकी मांगों पर कार्रवाई होगी और आवागमन की परेशानी से राहत मिलेगी।

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