किसानों को राहत: कृषि कार्य के लिए डीजल-पेट्रोल की विशेष व्यवस्था, अनुमति पर ड्रम-बोतल में भी मिलेगा ईंधन
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कोरबा। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के मद्देनजर राज्य शासन द्वारा पेट्रोल एवं डीजल के विक्रय संबंधी जारी निर्देशों के पालन में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को किसानों को कृषि कार्य हेतु आवश्यक ईंधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

जारी निर्देशों के अनुसार जिले के सभी रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) के माध्यम से किसानों को सीधे उनके ट्रैक्टर एवं कृषि कार्य में उपयोग होने वाले वाहनों की टंकी में आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके साथ ही, पूर्व में जारी आदेश के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से परीक्षण उपरांत अनुमति प्राप्त होने पर किसानों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नियंत्रित तरीके से ड्रम, बोतल एवं जेरीकेन में भी ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर द्वारा 22 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में पेट्रोल पंपों से ईंधन का विक्रय केवल वाहनों की टंकी में ही करने के निर्देश दिए गए हैं तथा ड्रम, बोतल एवं जेरीकेन में बिक्री पर रोक लगाई गई है। हालांकि किसानों की आवश्यकताओं, रबी फसल कटाई, खरीफ सीजन की तैयारियों, समय-सीमा वाले शासकीय निर्माण कार्यों तथा अस्पताल और मोबाइल टॉवर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद यदि कोई पेट्रोल पंप किसानों को पेट्रोल या डीजल देने से मना करता है, तो किसान जिला कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 9691901259 पर सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत दर्ज करते समय किसान को अपना नाम, किसान कोड, मोबाइल नंबर तथा संबंधित पेट्रोल पंप का नाम बताना अनिवार्य होगा, ताकि शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
