ग्राम पंचायत गुरसिया में निर्माण कार्य ठप, 40 लाख गबन की शिकायत—सरपंच-सचिव से मांगा स्पष्टीकरण, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी
कोरबा। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरसिया में विभिन्न मदों से संचालित निर्माण कार्यों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। 17 जून 2026 को उप अभियंता द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आया है कि अधिकांश निर्माण कार्य कई महीनों से बंद पड़े हैं, जबकि कुछ कार्यों की प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया गया कि वे दो दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त 19 जून 2026 को भी ग्राम पंचायत को पत्र जारी कर निर्माण कार्यों की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, समग्र शिक्षा मद से बनाए जा रहे प्रयोगशाला कक्ष, पुस्तकालय कक्ष एवं कला एवं संस्कृति कक्ष के निर्माण कार्यों के लिए 27 जनवरी 2026 को द्वितीय किश्त जारी की जा चुकी है, लेकिन लगभग पांच माह बीत जाने के बाद भी कार्य पुनः प्रारंभ नहीं हो सका है।
वहीं जिला खनिज न्यास (DMF) मद से निर्माणाधीन माध्यमिक शाला भवन एवं शासकीय उचित मूल्य दुकान भवन के कार्यों में भी लापरवाही सामने आने की बात कही गई है। इन कार्यों के लिए 19 दिसंबर 2025 को राशि जारी होने के बावजूद लंबे समय तक कार्य बंद रहा और वर्तमान में भी प्रगति अत्यंत सीमित बताई जा रही है।

आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई है। कोसकटटीपारा एवं गुरसिया में भवन छत स्तर तक पहुंचने के बाद कार्य बंद है। कोरवापारा में निर्माण कार्य खिड़की स्तर तक पहुंचा, जहां गुणवत्ता संबंधी आपत्तियां सामने आईं और सुधार कार्य कराया गया, इसके बावजूद वर्तमान में कार्य बंद बताया जा रहा है। वहीं बस्तीपारा एवं जुनापारा में आंगनबाड़ी भवन केवल नींव स्तर तक ही बन पाए हैं और उसके बाद कार्य पूरी तरह ठप है।
इसी बीच ग्राम पंचायत में स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि के कथित गबन की शिकायत भी सामने आई है। प्राप्त शिकायत के अनुसार, लगभग 40 लाख रुपये की आहरित राशि के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उक्त राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों में नहीं किया गया, जिसके कारण कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्यों की द्वितीय किश्त की लगभग 15 लाख रुपये की राशि आहरित किए जाने के बावजूद पूर्व सरपंच को भुगतान नहीं किया गया, जिससे कार्य प्रभावित हुए। साथ ही एक आंगनबाड़ी भवन के निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

इसके अतिरिक्त ग्रामसभा के दौरान जानकारी मांगने पर कथित रूप से दुर्व्यवहार एवं धमकी दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही की जाएगी।
मामले की जांच के लिए जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा द्वारा गठित जांच दल ने 20 मई 2026 को ग्राम पंचायत गुरसिया कार्यालय पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों जैसे पासबुक, चेकबुक, बिल-वाउचर, रोकड़ बही, ग्रामसभा पंजी एवं निर्माण फाइल का परीक्षण किया। जांच उपरांत प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को सौंपा जा चुका है।
प्रशासन द्वारा कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
