तहसील में तहसीलदार-अधिवक्ताओं के बीच तनातनी, अधिकारियों पर बिना सूचना दिए मनमानी का आरोप
परिसर से अधिवक्ताओं के कुर्सी-टेबल को बिना सहमति अव्यवस्थित रूम में रखने से नाराज हुआ अधिवक्ता संघ, पहले जमीन पर बैठकर धरना-प्रदर्शन फिर पक्षकारों के लिए रखे गए बैंच को हटाकर पुनः बैठे काम पर

कोरबाl कोरबा तहसील में आज सुबह उस समय बवाल मच गया जब वहां प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ता प्रतिदिन की तरह अपने समय पर पहुंचे। तहसील के मुख्य द्वार के आसपास लगने वाले उनके कुर्सी टेबल मौके पर नहीं थे, उन्होंने जानकारी ली तो पता चला कि सुबह तहसील के बाबुओं ने कर्मचारियों के साथ मिलकर उनके कुर्सी टेबल को अधिवक्ता कक्ष बनाए गए एक कमरे में रख दिया है। अधिवक्ता वहां पहुंचे तो मलवा पूरा बिखरा पड़ा था। बिना सहमति व बिना सूचना दिए किए गए इस कृत्य पर अधिवक्ता नाराज हो गए। इसकी सूचना अधिवक्ता संघ को दी गई। सूचना मिलने पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय जयसवाल, उपाध्यक्ष सुरेश शर्मा, सचिव नूतन सिंह ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारी व अधिवक्ता बड़ी संख्या में तहसील पहुंचे। जहां अधिकारियों व बाबू पर मनमानी किए जाने का आरोप लगाकर वह तहसील के सामने जमीन पर धरना पर बैठ गए। दूसरी ओर सालों से बैठने वाले उनके स्थान पर पक्षकारों के लिए बेंच लगाया जाने लगा। बाद में अधिवक्ता संघ ने वहां से बेंज हटाकर तहसील में प्रैक्टिस करने वाले सभी अधिवक्ताओं को वहां बैठने को कहा। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय जायसवाल के मुताबिक बिना सहमति व पूर्व सूचना के किए गए इस कार्य की अधिवक्ता संघ निंदा करता है। अधिकारियों को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए और व्यवस्थित कक्ष में अधिवक्ताओं को ससम्मान बैठाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
बैठक में ली गई थी सहमति, अनावश्यक प्रदर्शन

तहसीलदार मुकेश देवांगन के मुताबिक तहसील न्यायालय के सामने पक्षकारों के बैठने के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है वही वहां बैठने वाले अधिवक्ताओं के लिए परिसर में नए कक्ष के अलावा पुराने कक्ष को व्यवस्थित किया गया है आज सुबह वहां उनके कुर्सी टेबल रखे गए किसी तरह की मनमानी नहीं की गई अधिवक्ता अनावश्यक रूप से प्रदर्शन कर रहे हैं।
