कोरबा में बड़ा हादसा: राखड़ डेम फूटा, JCB ऑपरेटर मलबे में दबा दर्दनाक मौत

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में रविवार दोपहर एक भयावह हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। एचटीपीपी के ग्राम झाबू स्थित राखड़ डेम अचानक भरभरा कर फूट गया, जिससे हजारों टन राखड़ युक्त पानी और मलबा तेज बहाव के साथ नदी और आसपास के क्षेत्र में फैल गया।

सैलाब की तरह बहा राख का मलबा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डेम के एक हिस्से में लंबे समय से दबाव बन रहा था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अचानक दीवार ढहते ही राख का सैलाब उमड़ पड़ा। मौके पर जेसीबी मशीन से काम कर रहा ऑपरेटर कुछ समझ पाता, उससे पहले ही राख के दलदल और भारी मलबे में मशीन सहित समा गया।

एक की मौत, दो ने भागकर बचाई जान
इस हादसे में जेसीबी ऑपरेटर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय तेज आवाज के साथ डेम टूटा, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

देर से शुरू हुआ रेस्क्यू, प्रबंधन पर सवाल
घटना के बाद एचटीपीपी प्रबंधन और सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि राहत कार्य देर से शुरू हुआ। राख के भारी जमाव और दलदल के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी
स्थानीय ग्रामीणों और कामगारों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
राखड़ डेम की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी
मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई
निगरानी व्यवस्था लगभग शून्य थी
ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है।
इलाके में आक्रोश, उठी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पूरे झाबू क्षेत्र में तनाव का माहौल है। ग्रामीण और मजदूर प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित हैं और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है और बड़ा सवाल खड़ा करता है—आखिर मजदूरों की जान के साथ लापरवाही कब तक जारी रहेगी?


