प्लास्टिक बोतलों में देशी शराब की पहली खेप पहुंची, फिर भी ज्यादातर दुकानें ड्राई—विदेशी शराब की बिक्री में उछाल

कोरबा।जिले में देशी शराब की सप्लाई अब प्लास्टिक बोतलों में शुरू हो चुकी है और पहली खेप शहर की कुछ दुकानों तक पहुंच भी गई है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश देशी शराब दुकानें अभी भी स्टॉक के अभाव में लगभग ड्राई हैं। इस स्थिति के चलते देशी मदिरा प्रेमियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिले में कुल 21 देशी शराब दुकानें संचालित हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 3 से 4 दुकानों में ही सीमित मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। बाकी दुकानों में शराब की कमी बनी हुई है। ऐसे में ग्राहक रोजाना दुकान पहुंच रहे हैं, लेकिन देशी शराब नहीं मिलने पर उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि नए आबकारी अधिनियम के तहत 1 अप्रैल से देशी और विदेशी शराब की सप्लाई कांच की जगह प्लास्टिक बोतलों में की जानी थी, लेकिन कंपनी द्वारा समय पर सप्लाई नहीं किए जाने के कारण दुकानों में पुराना स्टॉक ही बेचा जा रहा था। अब जाकर प्लास्टिक बोतलों में पहली खेप पहुंची है, लेकिन यह केवल शहर के कुछ दुकानों तक ही सीमित है, जबकि आउटर क्षेत्रों में अब भी आपूर्ति नहीं हो सकी है।
जिले में प्रतिदिन लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की शराब बिक्री होती है, जिसमें 50 से 55 लाख रुपए की बिक्री देशी शराब की होती थी। लेकिन हाल के दिनों में सप्लाई प्रभावित होने के कारण देशी शराब की बिक्री में भारी गिरावट आई है।
देशी शराब की कमी के चलते अब मदिरा प्रेमी मजबूरी में विदेशी शराब की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वहीं, विदेशी शराब की बिक्री में पिछले एक सप्ताह के दौरान जबरदस्त उछाल देखा गया है।
आबकारी विभाग लगातार कंपनी से देशी शराब की मांग कर रहा है, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है। हालांकि कंपनी ने अब प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई शुरू कर दी है और यदि आपूर्ति लगातार बनी रही, तो आने वाले दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।


