डीएवी खरमोरा में महात्मा हंसराज की 162वीं जयंती श्रद्धा और प्रेरणा के साथ मनाई गई

कोरबा। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा में महात्मा हंसराज जी की 162वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान और समाज सुधार के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य हेमंतो मुखर्जी द्वारा महात्मा हंसराज जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महात्मा हंसराज, जो आर्य समाज के प्रमुख अनुयायी थे, ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने दयानंद एंग्लो वैदिक (DAV) विद्यालय आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक शिक्षा और वैदिक मूल्यों का अद्भुत समन्वय स्थापित किया।
उन्होंने बताया कि महात्मा हंसराज लाहौर के DAV स्कूल के पहले प्राचार्य बने और वर्षों तक बिना वेतन के सेवा देकर त्याग और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका मानना था कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।

प्राचार्य मुखर्जी ने कहा कि वर्तमान समय में जब शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, तब महात्मा हंसराज के आदर्श और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उनकी शिक्षाएं हमें नैतिकता, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उनके आदर्शों का पालन करने और समाज सेवा के लिए प्रेरित किया गया। अंत में सभी ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्राचार्य हेमंतो मुखर्जी सहित सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।


