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महिला स्व सहायता समूहों की आय 25 हजार मासिक तक बढ़ाने की तैयारी, वन धन केंद्रों से बढ़ेगी आजीविका, आवास कार्यों में तेजी के निर्देश और मनरेगा में क्यूआर कोड से पारदर्शिता पर जोर

कोरबा। जिले में महिला स्व सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय में बढ़ोतरी करने पर जोर दिया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग छत्तीसगढ़ की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कोरबा प्रवास के दौरान अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि समूह की प्रत्येक महिला सदस्य की मासिक आय कम से कम 25 हजार रुपए तक पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने महिलाओं को विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर विशेष बल दिया।

प्रमुख सचिव ने पाली जनपद पंचायत के ग्राम डोंगानाला में हरि बोल स्व सहायता महिला समूह द्वारा संचालित वन धन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे वन औषधि, लड्डू, अचार सहित अन्य उत्पादों का अवलोकन किया और उनकी सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।

उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें और अधिक आजीविका के साधनों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं मनरेगा आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम पंचायत धवईपुर में आवास निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों नन्हा सिंह एवं श्रीमती नीरेश बाई से मुलाकात कर आवास निर्माण के बाद उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली तथा भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात से पहले अधिक से अधिक आवास निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली के उपयोग की भी समीक्षा की गई। इस नवाचार की सराहना करते हुए अधिक से अधिक ग्रामीणों को इससे जोड़ने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित

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