डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा, कोरबा में ग्रेजुएशन डे का भव्य आयोजन, मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान

कोरबा। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा, कोरबा में ग्रेजुएशन डे के अवसर पर वार्षिक परीक्षा परिणाम की घोषणा गरिमामय वातावरण में की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य हेमंतो मुखर्जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।इस अवसर पर एलकेजी से लेकर कक्षा 9वीं एवं 11वीं तक के विद्यार्थियों को रिपोर्ट कार्ड, प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए।



कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया।सम्मानित मेधावी विद्यार्थी इस प्रकार हैं—एलकेजी से नेमत अंजुम, लाव्या पटवा एवं दक्षिता जालटारे;यूकेजी से अदिति नंदी, अद्विका श्रीवास, हिमांशु साहू एवं छायांक कुमार सोनी;कक्षा 1 से अफसा परवीन, अंकित कुमार, हिमांशी साहू, रूपांजलि एवं इमरान खान (नलिन्या साहू);कक्षा 2 से अफ्फान हैदर अंसारी, अंशु घोष एवं अमृतांश सिंह;कक्षा 3 से नाव्या अजमानी, भावेश साहू, वैष्णवी कुशवाहा एवं समृद्धि सिंह;कक्षा 4 से लीसा कंवर, अंशिका पाण्डेय, प्रकृति अग्रहरी एवं अभिमन्यु व्यास;कक्षा 5 से चिन्मय विश्वकर्मा, श्रेजल सिंह, निक शर्मा, सिमरत कौर, उन्नति खन्ना एवं लवी पटेल;कक्षा 6 से मुस्कान तम्बोली, तृषा कुर्रे एवं सेजल साहू;कक्षा 7 से गीतांश ओझा, सिद्धांत शर्मा एवं सिद्धि शर्मा;कक्षा 8 से अलीशा शाह, हरकीरत कौर एवं आराध्या शर्मा;कक्षा 9 से कृषन कुमार शर्मा, प्राप्ति बर्मन एवं तमन्ना बर्मन;तथा कक्षा 11 से खुशबू बघेल, नीलिमा सिदार एवं अभिषेक रंजन तिवारी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।


इसके अतिरिक्त सिल्वर जोन ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए। इंटर स्कूल क्विज प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। अधिकतम उपस्थिति एवं “मोस्ट केयरिंग पेरेंट्स” के लिए भी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया।



अपने संबोधन में प्राचार्य हेमंतो मुखर्जी ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों एवं शिक्षकों का समान योगदान होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और कहा कि परीक्षा परिणाम ही ज्ञान की अंतिम कसौटी नहीं है। असफलता से निराश न होकर उसे सफलता की पहली सीढ़ी मानकर आगे बढ़ना चाहिए।कार्यक्रम विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव होने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी साबित हुआ। अंत में प्राचार्य ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शुभकामनाएं दीं।इस सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षकगण, अभिभावक एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



