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चैत्र नवरात्रि नवमी पर अन्नधरी माता मंदिर में भक्ति का महासंगम, महापौर संजू देवी राजपूत पहुंचीं—मंदिर विकास को लेकर की घोषणाएं

कोरबा। भगवान राम के प्राकट्य दिवस एवं चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि (माँ सिद्धिदात्री) के पावन अवसर पर अन्नधरी माता मंदिर में इस वर्ष भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा प्रज्वलित मनोकामना ज्योतियां अत्यंत सुव्यवस्थित और श्रद्धा भाव से जलती रहीं तथा सभी धार्मिक अनुष्ठान प्रेमपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुए। मंदिर से जुड़ी मुख्य सेविका डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में यह नवरात्रि सर्वोच्च कोटि की रही।
डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व माता ने उन्हें स्वप्न देकर मंदिर सेवा का दायित्व सौंपा था और तब से वे निरंतर इस सेवा में समर्पित हैं। उनका कहना है कि नवरात्रि में जो श्रद्धालु सच्चे समर्पण से सेवा करते हैं, उन पर माता की विशेष कृपा होती है, जिसका अनुभव उन्हें स्वयं तथा उनके पुत्र दिव्य सृजन शर्मा को भी हो रहा है। दिव्य सृजन शर्मा मंदिर के मुख्य सेवक के रूप में पूरी निष्ठा के साथ व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं, जिनके सहयोग से ही नवरात्रि का आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संभव हो पाया।
अष्टमी तिथि के अवसर पर नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत मंदिर पहुंचीं और माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने चुनाव से पहले इसी मंदिर में नवरात्रि ज्योति प्रज्वलित करवाई थी और माता के आशीर्वाद से ही उन्हें विजय प्राप्त हुई। महापौर ने यह भी कहा कि वे इस मार्ग से गुजरते समय बिना माता को प्रणाम किए आगे नहीं बढ़तीं। उन्होंने मंदिर के विकास के लिए कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनकी जानकारी कार्य पूर्ण होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।

इस दौरान दिनेश राज, पूर्व सचिव प्रेस क्लब कोरबा ने बताया कि उन्हें भी इसी मंदिर के आशीर्वाद से चुनाव में सफलता मिली थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में नागेंद्र श्रीवास ने भी मंदिर के आशीर्वाद से प्रचंड मतों से जीत हासिल कर प्रेस क्लब कोरबा के सचिव का पद प्राप्त किया है। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर में पूजा के दौरान विजय तिलक और गौ-सेवा सहित अन्य धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व भी बताया गया।

डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि सुबह जब सूर्य की पहली किरण माता की प्रतिमा पर पड़ती है तो दृश्य अत्यंत दिव्य प्रतीत होता है, मानो भगवान भुवनभास्कर स्वयं माता के चरण स्पर्श कर रहे हों। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ध्यान अवस्था में कई आध्यात्मिक अनुभूतियां होती हैं, जिसमें उन्हें ब्रह्मांडीय ध्वनि और आध्यात्मिक ज्ञान का अनुभव प्राप्त होता है।
मंदिर की विशेषता यह भी है कि यह कोरबा-बालको मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण अत्यंत व्यस्त क्षेत्र में है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं। कई लोग वर्षों से यहां से गुजरते हुए भी केवल प्रणाम कर आगे बढ़ जाते हैं, किंतु मान्यता है कि माता का बुलावा आने पर ही श्रद्धालु मंदिर के भीतर दर्शन के लिए पहुंच पाते हैं।
अष्टमी तिथि पर हवन-पूजन और कन्या पूजन के बाद मंदिर का वातावरण अत्यंत ऊर्जावान और दिव्य हो गया। इसी सकारात्मक ऊर्जा के बीच महापौर का आगमन हुआ, जिसे भक्तों ने माता का विशेष आशीर्वाद माना। मंदिर की ओर से महापौर का चुनरी ओढ़ाकर और सुहाग सामग्री भेंट कर सम्मान किया गया।


इस अवसर पर दिव्य सृजन शर्मा, दिनेश राज एवं उनकी धर्मपत्नी, जयगोविंद साहू, शिव शंकर देवांगन (बबलू) एवं उनकी धर्मपत्नी, शिव कुमार (बालको), अर्चना, अन्नपूर्णा, राजकुमारी देवांगन, रानी राजपूत सहित दुर्गा वाहिनी की मातृ शक्तियां और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। साथ ही नन्हे भक्त रिंकू देवांगन और प्रियांशु देवांगन की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा, जिसे श्रद्धालुओं ने माँ की विशेष कृपा के रूप में अनुभव किया।

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