सेवादारों को पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की नसीहत, कटघोरा में 28 मार्च से दिव्य श्री हनुमंत कथा

कोरबा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने कुछ सेवादारों के व्यवहार और कार्यशैली को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि सेवा के नाम पर दिखावा और भौकाल की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो सेवा की भावना के विपरीत है।

शास्त्री ने कहा कि कुछ सेवादारों की भाषा और व्यवहार बेहद खराब हो गया है और कई लोग भक्तों से इस तरह पेश आते हैं जैसे वे किसी सैन्य व्यवस्था में खड़े हों। तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “चाय से ज्यादा तो केतली गरम हो रही है।”
उन्होंने कहा कि कई चेले उनकी पीठ पीछे खुद को ही गुरु समझने लगे हैं। सेवा का अर्थ सादगी, अनुशासन और विनम्रता है, लेकिन कुछ लोग यह सीख नहीं पा रहे हैं। शास्त्री ने यह भी कहा कि कुछ सेवादार सेवा से ज्यादा भौकाल बनाने और “माल-पानी” के चक्कर में पड़ गए हैं।

इधर कोरबा जिले के कटघोरा मार्ग स्थित ग्राम ढप-ढप, बांकीमोगरा रोड में आयोजित होने वाली दिव्य श्री हनुमंत कथा के लिए विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य भूमि पूजन संपन्न हुआ। श्रद्धा और भक्ति के माहौल में पूजा-अर्चना कर कथा आयोजन की तैयारियों का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक अमरजीत सिंह एवं कार्यक्रम सचिव डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में आयोजन समिति के सदस्यों ने भूमि पूजन कर भगवान श्रीराम और बजरंगबली से कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
आयोजन समिति ने बताया कि 28 मार्च 2026 से यहां भव्य दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने श्रीमुख से कथा वाचन करेंगे। इस आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

भूमि पूजन के साथ ही कथा स्थल पर विशाल पंडाल, आकर्षक मंच, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, पेयजल व अन्य सुविधाओं की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजक अपना घर सेवा आश्रम परिवार ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने की अपील की है।


