चचिया धान खरीदी केंद्र में रात को दंतैल हाथी की दस्तक, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची धान की बोरियां

कोरबा।जिले के चचिया धान खरीदी केंद्र में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक दंतैल हाथी अचानक केंद्र परिसर में आ धमका। हाथी के पहुंचते ही वहां मौजूद कर्मचारियों में दहशत फैल गई, लेकिन उन्होंने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए धान की बोरियों को बचाने का प्रयास जारी रखा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने केंद्र परिसर में रखी कुछ धान की बोरियों को गिरा दिया। नुकसान को रोकने के लिए कर्मचारियों और वहां मौजूद अन्य लोगों ने एकजुट होकर टॉर्च की रोशनी दिखाई और शोर मचाया, जिसके बाद हाथी को खदेड़ने में सफलता मिली। सामने आए वीडियो में भी साफ दिखाई देता है कि भय के माहौल के बावजूद कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी।

गनीमत रही कि हाथी उस दौरान आक्रामक नहीं हुआ और कुछ देर बाद अपना रुख मोड़ते हुए जंगल की ओर लौट गया। हालांकि, उपार्जन केंद्र में बड़ी मात्रा में रखे धान के कारण हाथियों के दोबारा आकर्षित होकर लौटने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
हाथी प्रभावित केंद्रों से प्राथमिकता पर हो धान का उठाव

हाथी प्रभावित इलाकों में स्थित धान खरीदी केंद्रों में तब तक खतरा बना रहता है, जब तक वहां से धान का उठाव नहीं हो जाता। हाथियों की आवाजाही के चलते किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यह पहली घटना नहीं है, जब किसी धान खरीदी केंद्र में हाथी पहुंचा हो; पूर्व में भी हाथी केंद्रों में घुसकर धान को नुकसान पहुंचा चुके हैं।
ऐसे में प्रशासन के लिए आवश्यक है कि चिन्हित हाथी प्रभावित धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव प्राथमिकता और तेजी से कराया जाए, ताकि किसानों की उपज सुरक्षित रह सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हो सके।

