कोरबा

आईपीएस संतोष सिंह बिलासपुर तो उदय किरण बने कोरबा एसपी, अभिषेक मीणा को राजनंदगांव की जिम्मेदारी

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने की बड़ी फेरबदल, कोरबा में एसपी संतोष सिंह ने पुलिसिंग का अलग ही अंदाज निजात अभियान के जरिए दिखाया

कोरबा। राज्य सरकार ने शुक्रवार की देर रात प्रदेश के 8 आईपीएस अफसरों का तबादला किया है।  तबादले में कोरबा समेत कई बड़े जिले के एसपी भी प्रभावित हुए है। कोरबा एसपी संतोष सिंह को पड़ोसी और बड़े जिले बिलासपुर की कमान सौंपी गई है। उनकी जगह अभी गौरेला- पेंड्रा- मरवाही (GPM) संभाल रहे आईपीएस उदय किरण को कोरबा एसपी की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह पूर्व में कोरबा एसपी रह चुके और वर्तमान में रायगढ़ एसपी की जिम्मेदारी संभाल रहे आईपीएस अभिषेक मीणा को राजनांदगांव एसपी बनाया गया है। इसी तरह बिलासपुर एसपी पारुल माथुर को उपपुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय रायपुर, एसपी नारायणपुर सदानंद कुमार को एसपी रायगढ़, पुष्कर शर्मा को एएसपी नारायणपुर से एसपी नारायणपुर, योगेश कुमार पटेल को एएसपी दंतेवाड़ा से एसपी गौरेला पेंड्रा मरवाही, प्रफुल्ल कुमार ठाकुर एसपी राजनंदगांव को एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात किया गया है।

विधानसभा चुनाव के हिसाब से हुई ट्रांसफर-पोस्टिंग   

प्रदेश में राजनीतिक पार्टियां चुनावी मोड पर आ गई है। शुक्रवार को शहर में पहुंचे दिल्ली के विधायक और आप के प्रदेश प्रभारी संजीव झा ने प्रदेश के 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की। वही देर रात सरकार ने कई बड़े व प्रमुख जिलों के एसपी बदल दिए। इसे चुनाव की तैयारी के हिसाब से ट्रांसफर-पोस्टिंग बताया जा रहा है। दरसल कुछ महीने बाद आचार संहिता के हिसाब से तबादले शुरू होंगे, उससे पहले सरकार अपने अनुसार अधिकारियों को बैठाने में जुट गई है।

एसपी संतोष सिंह के निजात अभियान की सराहना 

एसपी संतोष सिंह जिले में करीब 6 माह पहले तब पदस्थ हुए थे जब पूर्व एसपी भोजरम पटेल का तबादला हुआ तब कोरबा प्रदेश में कोयला हुआ डीजल चोरी के लिए सुर्ख़यों में आ गया था एसपी संतोष सिंह ने अपराधियों के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्रवाई कराते हुए अवैध कारोबार को बंद कराया साथ ही ऑपरेशन निजात शुरू कर उन्होंने अवैध नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जिसका असर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिलने लगा है। उनके इस अभियान से कई परिवार नशे से दूर हुए हैं, साथ ही जिले में निजात अभियान की सराहना भी हो रही है। वहीं उन्होंने पिछले दिनों सड़क सुरक्षा के लिए हिफाजत अभियान शुरू की। कड़क आईपीएस की लिस्ट में शामिल होने के बाद भी संतोष सिंह आमजन से सीधे जुड़े रहे। उन्होंने जिले में गुंडे और अपराधियों के लिए सख्त पुलिसिंग के साथ ही आमजन के लिए पीपुल फ्रैंडली पुलिसिंग की। इसका नतीजा है कि उन्हें जैसे बड़े जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

जिले में एएसपी रह चुके है उदय किरण, गुंडों में दहशत

 

कोरबा के नए एसपी बनाए गए आईपीएस उदय किरण इससे पहले कोरबा के एएसपी के पद पर पदस्थ रह चुके है। तब उन्होंने जिले में गुंडों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही की थी। गुंडों की जमकर खातिरदारी भी की थी। इसलिए अब उनके कोरबा एसपी बनने के बाद गुंडों के बीच दहशत मच गई है कुछ राजनीतिक से जुड़े लोगों के बीच भी खलबली मच गई है कि फिर से आईपीएस उदय किरण उसी फ्री स्टाइल से पुलिसिंग ना करने लगे।

आईपीएस मीणा कोरबा को कर गए थे कोरोना फ्री

कोरबा में कोरोना संक्रमण काल के दौरान आईपीएस अभिषेक मीणा की पदस्थापना हुई थी। कटघोरा में लगातार कोरोना संक्रमण फैलने के बाद कोरबा तब प्रदेश में कोविड हॉट स्पॉट बन चुका था। तब एसपी अभिषेक मीणा के नेतृत्व में पुलिस ने कटघोरा समेत पूरे जिले में सख्ती के साथ ही विशेष रूप से पुलिसिंग करते हुए कोविड नियंत्रण करते हुए कोरबा को कोरोना फ्री बनवाया था। खास बात यह है कि तब आईपीएस उदय किरण कोरबा में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे। तब आईपीएस अभिषेक मीणा के नेतृत्व में ही उन्होंने फ्री हैंड पुलिसिंग की थी।