पत्नी ने 6 माह पहले रची साजिश, परिचित को सुपारी देकर कराई अपने पति की हत्या, शराब पीकर मारपीट बनी वजह
दीपका कालोनी मे हुये एसईसीएल कर्मी की अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझाया, आरोपी पत्नी और सुपारी किलर गिरफ्तार

कोरबा। दीपका थाना अंतर्गत गेवरा कॉलोनी के ऊर्जा नगर में हुए इस एसईसीएल कर्मी जगजीवन रात्रे की हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात की मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी है, उसने अपने परिचित को सुपारी देकर पति की हत्या कराई है। हत्या के पीछे वजह पति द्वारा शराब पीकर आए दिन मारपीट करना बताया गया है।
पत्नी के बार बार बयान बदलने से हुआ संदेह
मृतक जगजीवन रात्रे की पत्नि धनेश्वरी रात्रे से पुलिस के पूछताछ पर वह बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही थी। पुलिस टीम को उसपर संदेह हो गया। कड़ाई से पूछताछ पर धनेश्वरी बाई रात्रे टूट गई और सुपारी देकर पति की हत्या करवाना बताया। पति जगजीवन की मौत के बाद उसे एसईसीएल में अनुकंपा और उसकी जायदाद मिल जाती।
6 माह पूर्व योजना, आरोपी के जेल जाने से देरी
धनेश्वरी की शादी 10 साल पहले 24.05.2013 को जगजीवन रात्रे के साथ हुई थी। जगजीवन शादी के बाद से हमेशा शराब पीकर मारपीट कर बेईजत्ती करता था। परेशान होकर उसने कई माह पहले अपने पति जगजीवन राम रात्रे की हत्या करने की योजना बनाई। उसने अपने परिचित के तुषार सोनी उर्फ गोपी से संपर्क कर उसे पैसे की लालच देकर अपने पति जगजीवन रात्रे की हत्या करने के लिये तैयार कर लिया। मार्च 2023 में अपने जेवर बेचकर अपने पति की हत्या करने के लिये तुषार को सुपारी की रकम 50000₹ एडवांस में दी थी। इस दौरान आरोपी तुषार सोनी उर्फ गोपी एक पुराने मामले के गिरफ्तारी वारण्ट में जेल चला गया था। तुषार सोनी के जेल से छूटने के पश्चात धनेश्वरी बाई रात्रे फिर तुषार सोनी को अपने पति की हत्या करने के लिये बार-बार फोन करने लगी। तब वह तैयार हो गया।
इस तरह हुई हत्या, बकाया रकम व सोने का हार दिया
तुषार सोनी मगंलवार 24.05.2023 की रात्रि करीबन 12 बजे के मध्य अपने एवेंजर मोटर सायकल में टंगिया को बांधकर पहुँचा और जगजीवन राम के क्वाटर का दरवाजा खटखटाया। तब जगजीवन रात्रे दरवाजा खोला तब आरोपी तुषार उसे तुम्हारी पत्नि के बारे में कुछ बताना है कहकर बोला और जगजीवन से ठण्डा पानी मांगा। जब जगजीवन बोतल में पानी लेकर आया तो तुषार टंगिया से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करते समय जगजीवन की पत्नी धनेश्वरी बाई उसे देख रही थी। हत्या के बाद धनेश्वरी अपने मोबाईल फोन को तोड़कर फेंकने के लिये तुषार को दी। बकाया रकम एक सोने का हार और 6000 ₹ नगद फिर से तुषार को हत्या करने बाद दी थी। वह वहां से भाग निकला।
दीपका पुलिस और साईबर सेल की टीम की मेहनत रंग लाई
पुलिस अधीक्षक यू. उदय किरण के मार्गदर्शन में अंधे कत्ल के मामले को सुलझाने के लिए दर्री सीएसपी रॉबिंसन गुड़िया के निर्देशन में थाना प्रभारी दीपका अविनाश सिंह एवं साइबर सेल कोरबा प्रभारी निरीक्षक सनत सोनवानी के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर तत्काल घटना स्थल पर जांच के लिए भेजा गया। टीम में सउनि परमेश्वर सिंह, जितेश सिंह, धनजंय नेटी, आरक्षक जगजीवन कंवर, शेखसहबान, अशोक कोर्राम् इन्द्रदेव कंवर, सैनिक निर्मल सिदार, सायबर सेल से प्रआर० राम पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, गुनाराम सिन्हा, राजेश कंवर, चक्रधर सिंह राठौर, आरक्षक डेमन ओगरे, प्रशांत सिंह, विरकेश्वर, रवि चौबे की सराहनीय भूमिका रही। जिनकी मेहनत से मामला 24 घंटे के भीतर सुलझ गया।

