काेरबा के डीएमएफ से हाेगा सक्ती जिला का विकास, जांजगीर-चांपा के 10 प्रतिशत राशि में कटाैती
काेरबा के काेयले के खनिपट्टे से प्राप्त हाेने वाली न्यास निधि का वितरण में बदलाव, बिलासपुर के राशि में 3 ताे जीपीएम के राशि में 1 प्रतिशत की कमी की गई, मुंगेली, बेमेतरा, कबीरधाम के काेटे में बढ़ाेतरी

डीएमएफ में 50 प्रतिशत भी नहीं मिल रहा काेरबा काे, पड़ाेसी के साथ दूरस्थ जिलाें काे भी मिल रहा लाभ
काेरबा। खनिज साधन विभाग ने प्रदेश में नए जिलाें के लिए काेटा तय करके डीएमएफ की राशि के बंटवारे का नए सिरे से निर्धारण किया है। जाे शुक्रवार काे छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशन के बाद लागू हाे गया है। काेरबा के काेयला खदानाें से प्राप्त हाेने वाले डीएमएफ की राशि के बंटवारे में अब 9वां जिला के रूप में सक्ती भी हकदार बन गया है। जहां 10 प्रतिशत राशि से विकास कार्य हाेंगे। हालांकि इसके लिए काेरबा जिला काे मिलने वाले 40 प्रतिशत राशि में किसी तरह की कटाैती नहीं हुई है। बल्कि जांजगीर-चांपा से अगल हाेने पर वहां मिल रहे 20 प्रतिशत राशि में 10 प्रतिशत की कटाैती करके सक्ती जिला काे दिया गया है। डीएमएफ से कोरबा को मिलता साढ़े 5 साै कराेड़ रुपए: खनिज विभाग के रिकार्ड के अनुसार काेरबा काे डीएमएफ से सलाना करीब साढ़े 5 साै कराेड़ रुपए प्राप्त हाेता है। जाे विकास कार्य के लिए अलग-अलग मद में खर्च किया जाता है।
काेरबा काे मिलता था 50 प्रतिशत, अब 40
मुंगेली और गाैरेला-पेंड्रा-मरवाही के जिला बनने से पहले काेरबा काे डीएमएफ से 50 प्रतिशत राशि विकास कार्य के खर्चे के लिए मिल रहा था। लेकिन उसमें 10 प्रतिशत की कटाैती कर 40 प्रतिशत करते हुए 10 प्रतिशत राशि उन जिलाें काे दे दी गई। जिससे काेरबा के विकास प्रभावित हाे रहा है। दूसरी ओर इस बार बिलासपुर जिले काे मिल रहे 13 प्रतिशत राशि में 3 प्रतिशत और जीपीएम के काेटे में 1 प्रतिशत की कमी कर दी गई है। दूसरी ओर मुंगेली के काेटे में 2 प्रतिशत व बेमेतरा व कबीरधाम के काेटे में 1-1 प्रतिशत की बढ़ाेतरी की गई है।
देखें किस जिले काे कितना प्रतिशत राशि उपलब्ध
काेरबा 40%
जांजगीर-चांपा 10%
बिलासपुर 10%
जशपुर 7%
मुंगेली। 7%
बेमेतरा 6%
कबीरधाम 6%
जीपीएम 4%
सक्ती। 10%
नया जिला जुड़ने से काेरबा के काेटे में कमी नहीं
जिला खनिज अधिकारी प्रमाेद नायक के मुताबिक काेरबा जिला अंतर्गत स्थित काेयले के खनिपट्टे क्षेत्र से हाेने वाली न्यास निधि का वितरण शासन द्वारा निर्धारित है। नया जिला बनने के बाद अब सक्ती के जुड़ने से काेरबा के काेटे में कमी नहीं हुई है।