सप्तमी पर मां मड़वारानी के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़, जयकारों से गूंज रहा पर्वत

कोरबा। पर्वतवासिनी मां मड़वारानी के दर्शन के लिए सप्तमी के अवसर पर पहाड़ स्थित मुख्य मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं।

पूरा मड़वारानी पर्वत मां के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है। कोरबा, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के अलावा छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों सहित ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मां मड़वारानी सेवा समिति झीका-महोरा एवं मां मड़वारानी सेवा एवं जनकल्याण समिति द्वारा विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं।

पहाड़ के रास्ते में जगह-जगह सेवा समितियों और श्रद्धालुओं की ओर से पानी, शरबत, खीर, पूड़ी और खिचड़ी का वितरण किया जा रहा है। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु इन सेवा कार्यों का लाभ ले रहे हैं।मध्यरात्रि में माता को लगाया जाएगा विशेष भोगनवरात्रि के अवसर पर आज मध्यरात्रि में मां मड़वारानी को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। भोग के प्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।आज होगा विशेष हवन-पूजन और हल्दी उत्सवमां मड़वारानी सेवा समिति झीका-महोरा द्वारा आज को शाम 4 बजे गोधूलि बेला में विशेष हवन-पूजन किया जाएगा। इसके बाद माता रानी एवं पूरे मड़वारानी धाम में हल्दी-पानी का लेप लगाकर छिड़काव किया जाएगा।

श्रद्धालुओं को भी हल्दी लगाई जाएगी तथा तोरण बांधकर पूजा-अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर बैगा परिवार और समिति के सदस्यों को रक्षा सूत्र (कलावा) बांधा जाएगा।24 अक्टूबर को कलश विसर्जन, कलशधारी माताओं का होगा सम्मानइस वर्ष तिथियों में परिवर्तन के कारण नवरात्रि पर्व दस दिनों तक मनाया जा रहा है।
24 अक्टूबर को त्रयोदशी तिथि के अवसर पर शाम 3 बजे कलश विसर्जन कार्यक्रम संपन्न होगा। इस दौरान सैकड़ों कलशधारी माताओं को समिति की ओर से साड़ी भेंट कर सम्मानित किया जाएगा।मनोकामना ज्योति कलशों का विसर्जन हसदेव नदी, झीका-महोरा तथा कोरबा-चांपा राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे स्थित मड़वारानी पहाड़ के समीप मड़वारानी सोन नदी में किया जाएगा।नवरात्रि के दौरान मड़वारानी धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, सेवा समितियों द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं और धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहे हैं।



