अब अदानी पावर से मिलेगा करोड़ों का जल कर, कुदूरमाल एनीकट से होगा 42 मिलियन घन मीटर पानी का अनुबंध
कोरबा। अदानी समूह की कोरबा पावर लिमिटेड, पताढ़ी को हसदेव नदी पर बने कुदूरमाल एनीकट से हर साल 42 मिलियन घन मीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को जल संसाधन विभाग और अदानी पावर के बीच अनुबंध किया गया।
इस अनुबंध से शासन को हर साल करीब 65 करोड़ रुपये जल कर के रूप में मिलने की उम्मीद है।कोरबा पावर लिमिटेड पहले लैंको पावर प्लांट के नाम से संचालित होता था। यहां वर्तमान में 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
प्लांट की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए हसदेव नदी पर कुदूरमाल एनीकट का निर्माण कराया गया था, जिसकी राशि लैंको पावर ने दी थी। उस समय प्रतिवर्ष 16 मिलियन घन मीटर पानी लेने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन पानी के उपयोग को लेकर औपचारिक अनुबंध नहीं हुआ था।अब बिजली संयंत्र की क्षमता 1320 मेगावाट तक बढ़ाने की योजना के तहत अतिरिक्त पानी की आवश्यकता को देखते हुए 26 मिलियन घन मीटर पानी के लिए नया अनुबंध किया गया है। पहले से स्वीकृत 16 मिलियन घन मीटर और नए अनुबंध के 26 मिलियन घन मीटर को मिलाकर अब कुल 42 मिलियन घन मीटर पानी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता नयन रंजन चौधरी और कोरबा पावर लिमिटेड के महाप्रबंधक शैलेंद्र भटनागर की उपस्थिति में अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की गई।बांगो परियोजना के बाद सबसे अधिक राजस्व देने वाला एनीकटजल संसाधन विभाग के लिए कुदूरमाल एनीकट से होने वाली जल कर की आय महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, हसदेव बांगो परियोजना से हर साल 350 करोड़ रुपये से अधिक का जल कर प्राप्त होता है। इसके बाद कुदूरमाल एनीकट से भी बड़े राजस्व की उम्मीद है।एनीकट से सिंचाई के साथ-साथ उद्योगों की जरूरतों के लिए भी पानी आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति के लिए पानी उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है, लेकिन इस दिशा में अब तक योजना आगे नहीं बढ़ पाई है।



