डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन को मिली केंद्र से मंजूरी; सीएम साय और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने रेल मंत्री से की मुलाकात

कोरबा। छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे और परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई है। बहुप्रतीक्षित कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा हरी झंडी (मंजूरी) मिल गई है। इस स्वीकृति को राज्य के परिवहन व्यवस्था, औद्योगिक विकास और नए रोजगार के अवसरों के लिहाज से एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन बिछने के बाद अब तक जिन इलाके में रेल नेटवर्क नहीं थी वे भी इससे जुड़ जायेंगे। उक्त दूरी के बीच 27 रेलवे स्टेशन भी बनेंगे, जिससे लोगों का सफ़र आसान होगा और पिछड़े इलाकों का विकास होगा।
दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अहम मुलाकात
नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की।इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन परियोजना के साथ-साथ बस्तर अंचल में रेल नेटवर्क विस्तार के मुद्दों पर भी विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। इसके उपरांत ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम मंजूरी प्रदान की गई।
लगातार प्रयासों से मिली सफलता: तोखन साहू
परियोजना को मंजूरी मिलने पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने इसे अपने संकल्प की सिद्धि बताया। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद से ही वे इस परियोजना को स्वीकृत कराने के लिए निरंतर प्रयासरत थे। उन्होंने रेल मंत्रालय के समक्ष छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को लगातार प्रमुखता से उठाया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
रोजगार और उद्योगों को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा
इस नई रेल लाइन के शुरू होने से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन और कनेक्टिविटी बेहद सुगम हो जाएगी। युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उद्योगों को माल ढुलाई में सुविधा मिलेगी, जिससे राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और CM का जताया आभार
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह रेल लाइन परियोजना आने वाले समय में राज्य के चहुंमुखी विकास में ‘मील का पत्थर’ साबित होगी।


