महिला नगर सैनिकाें की सजगता से कलेक्टाेरेट में टली बड़ी घटना, मिट्टी तेल छिड़ककर महिला करने वाली थी अग्निस्नान
शिकायत पर सुनवाई नहीं हाेने पर महिला मिट्टी तेल छिड़ककर पहुंची थी अग्निस्नान करने, आग लगाने से पहले पकड़ लिया गया, पानी से नहलाकर किया गया खतरे से दूर

काेरबा। काेरबा के कलेक्टाेरेट में मंगलवार की दाेपहर जनदर्शन में अपर कलेक्टर प्रदीप साहू लाेगाें की फरियाद सुन रहे थे। बाहर फरियादियाें की लंबी लाइन लगी थी। लाइन में खड़ी एक महिला एकाएक बाथरूम से खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर पहुंचती है। वह अपनी बेटी के पास रखे माचिस की तलाश करने लगती है इस बीच वहां ड्यूटी पर तैनात महिला नगर सैनिक रीमा की नजर उसपर पड़ती है। सजगता के साथ महिला सैनिक दाैड़कर उसके पास पहुंचती है और उसे राेक लेती है। महिला शाेर मचाते हुए शिकायत पर सुनवाई नहीं हाेने पर वहां अग्निस्नान करने की बात कहने लगती है। जिसे सुनकर सभी लोग हड़बड़ा जाते हैं। शाेर-शराबा सुनकर कलेक्टाेरेट में जनदर्शन ड्यूटी व गेट ड्यूटी पर तैनात महिला नगर सैनिक भी वहां पहुंच जाते हैं। चाराें नगर सैनिक महिला काे ले जाकर पानी डालते हुए उसे नहलाते हैं जिससे मिट्टी तेल का असर खत्म हाे जाए और वह खतरे से दूर हाे। फिर उसे अपर कलेक्टर प्रदीप साहू के पास ले जाते हैं। जहां महिला खुद का नाम मुन्नी दास बताते हुए कहती है कि सरगुजा जिले के लखनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम तराजू में उसके पिताजी के नाम पर 0 .6070 हेक्टेयर भूमि को एक अन्य व्यक्ति द्वारा उनकी माँ को बहला फुसलाकर कर अपने नाम पर कर लिया। उसने कई बार रजिस्ट्री रद्द कराने की मांग करते हुए शिकायत की लेकिन अब तक काई कार्यवाही नहीं हुई। अपर कलेक्टर प्रदीप साहू ने समझाइश देकर महिला काे घर भेजा और उन्हें रजिस्ट्री रद्द कराने की सम्पूर्ण प्रकिया को समझाया। साथ ही महिला श्रीमती मुन्नी दास के द्वारा मिट्टी तेल लेकर कलेक्ट्रेट आने पर उन्हें भविष्य में ऐसा नहीं करने कहा। उन्होंने महिला की पूरी बात को सुनते हुए अम्बिकापुर अंतर्गत सम्बंधित एसडीएम से तत्काल फोन में बात की और महिला के आवेदन को व्हाट्सएप कर नियमानुसार आवेदन सिविल कोर्ट के माध्यम से जमीन की रजिस्ट्री निरस्त कराने दस्तावेज के साथ आवेदन प्रस्तुत करने कहा गया। महिला मुन्नी दास द्वारा सिविल कोर्ट में आवेदन जमा करने के लिए राशि नहीं होने की जानकारी दी गई तो अपर कलेक्टर प्रदीप साहू ने संबंधित एसडीएम को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने भी कहा गया है।

