रेलवे नोटिस से भड़का इंदिरा नगर,मुआवजा,विस्थापन की मांग पर सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग,आश्वासन के बाद धरना खत्म

News by: हरेंद्र डिक्सेना, जिला ब्यूरो चीफ, जयवीरू न्यूज
कोरबा। कोरबा शहर के इंदिरा नगर बस्ती में रेलवे द्वारा लगभग 250 परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। रेलवे लाइन से सटी बस्ती के घरों के बाहर क्रॉस का निशान लगाए जाने से लोग सहम गए हैं और अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं।

नोटिस के विरोध में मंगलवार को बस्ती के सैकड़ों लोग शहर के मुख्य चौक पवन टॉकीज के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरने के कारण चौक के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन जारी रहेगा
प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने बताया कि पूर्व में रेलवे की ओर से अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया गया था। ऐसे में अब इन परिवारों को भी मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन घरों को हटाने का नोटिस दिया गया है, उनके लिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई हो।

आश्वासन के बाद धरना खत्म, कलेक्टरेट घेराव की चेतावनी
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया, लेकिन लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कलेक्टरेट का घेराव किया जाएगा।

सीमांकन, मुआवजा और पुनर्वास की प्रमुख मांग
वार्ड पार्षद तामेश अग्रवाल ने बताया कि लोगों की स्पष्ट मांग है कि रेलवे की ओर से पहले सही सीमांकन किया जाए और विस्थापन (Rehabilitation) की प्रक्रिया पूरी की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना मुआवजा और वैकल्पिक आवास दिए वे अपने घर खाली नहीं करेंगे।

जिला प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा मामला
नायब तहसीलदार दीपक पटेल ने बताया कि बस्तीवासियों ने ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांग है कि पहले मुआवजा और विस्थापन सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही रेलवे कार्रवाई करे। इस पूरे मामले को जिला प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा और रेलवे को अवगत कराया जाएगा। फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी।


