नशामुक्ति, डिजिटल व वित्तीय साक्षरता पर जोर: जागरूकता से सशक्त समाज निर्माण की पहल
कोरबा। जिले में एक ओर जहां नशामुक्त भारत अभियान के तहत लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल एवं वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है।
नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर एवं जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि नशा केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है। तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों से होने वाले नुकसान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी-उपरोड़ा में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीएमओ डॉ. दीपक सिंह, बीपीएम स्वरूप धारा, कृष्णा सोनवानी, प्रमिला किंडो, कृपालता सहित पंच-सरपंच एवं मितानिनों की उपस्थिति रही। बैठक में नशामुक्ति के साथ-साथ जनजागरूकता को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
वहीं, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मोबाइल उपयोग, ऑनलाइन बैंकिंग, पेंशन संबंधी जानकारी और बिल भुगतान जैसी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्हें यह भी बताया गया कि डिजिटल माध्यमों से वे घर बैठे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं और अपने परिजनों से जुड़े रह सकते हैं।
वित्तीय साक्षरता के अंतर्गत बुजुर्गों को बैंक खाते की नियमित जांच, बचत, बीमा, सुरक्षित निवेश तथा आय-व्यय का लेखा-जोखा रखने की सलाह दी गई। साथ ही फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी और साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें, डिजिटल रूप से जागरूक बनें और समाज को भी इसके प्रति प्रेरित करें, ताकि एक सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।



