Uncategorized

छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ का संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

Oplus_131072

धान खरीदी से पहले लंबित चार सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलन, 15 नवंबर से धान खरीदी हो सकती है प्रभावित

News by: हरेंद्र डिक्सेना, जिला ब्यूरो चीफ, जयवीरू न्यूज

कोरबा/कटघोरा। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपनी चार-सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार 3 नवंबर से
प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया है। जिले में भी संघ अंतर्गत धान खरीदी से जुड़े सहकारी समितियों में और डेटा एंट्री ऑपरेटर हड़ताल में शामिल है। उनकी प्रमुख मांगो में मध्यप्रदेश सरकार के तर्ज पर छग सरकार द्वारा भी प्रदेश के 2058 सहकारी समिति कर्मचारियों के वेतनमान व अन्य सुविधाये लाभ देने हेतु प्रति वर्ष प्रत्येक समितियों को 3-3 लाख रुपए प्रबंधकीय अनुदान राशि देने शीघ्र आदेशित करने, सेवानियम 2018 की आंशिक संशोधन करते हुए पुनरीक्षित वेतनमान लागू की जाने एवं 50 प्रतिशत भर्ती समिति कर्मचारी को लेने, समर्थन मूल्य धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में धान परिदान पश्चात हुई संपूर्ण सुखत मान्य किया जाने, सुरक्षा व्यव एवं प्रासंगिक व्यय तथा कमीशन, खाद, बीज, उपभोक्ता, फसल बीमा आदि को 4 गुणा बढ़ोतरी कर, राशन वितरण पर प्रति क्विटल 500 ग्राम की क्षति पूर्ति 5000 रुपया दिया जाने, धान खरीदी नीति वर्ष 2024-25 में वर्णित कंडिका क्रमांक 11.3.3 आउट सोर्सिंग द्वारा कम्प्यूटर आपरेटर के नियोजन को विलापित कर विभाग तय करते हुए नियमितिकरण किया जाना शामिल है। हड़ताल की वजह से राज्य के साथ ही कोरबा जिले की सभी सहकारी समितियों में कामकाज को ठप हो गई है। आगे अगामी धान खरीदी जो कि 15 नवंबर से शुरू होनी है उसकी तैयारियों में बाधा आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। धान खरीदी से पहले आंदोलन से किसान भी चिंतित हो गए हैं क्योंकि कामकाज में रुकावट से खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अगर हड़ताल लंबी चली, तो धान के उठाव, भुगतान व अन्य प्रक्रियाओं में देरी संभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *