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बिलासपुर स्कूली छात्रा यौन शोषण मामला: सर्व सेन (नाई) समाज ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, आरोपी को फांसी और स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग

कोरबा। बिलासपुर के सिरगिट्टी स्थित सेंट जेवियर स्कूल में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए लगातार यौन शोषण के मामले को लेकर अब सामाजिक स्तर पर भी आक्रोश बढ़ने लगा है। इस गंभीर घटना के विरोध में श्रीवास (नाई) सामाजिक कल्याण समिति और सर्व सेन (नाई) समाज जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) ने आज डिप्टी कलेक्टर को महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान श्रीनिवास नई समाज कल्याण समिति के महासचिव लीलाधर श्रीवास, तुलेश श्रीवास, राजेंद्र श्रीवास, ललित श्रीवास, संतोष श्रीवास, पवन श्रीवास, व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष मनोज श्रीवास, उपाध्यक्ष संदीप श्रीवास एवं उपाध्यक्ष दीपक श्रीवास मौजूद थे।

स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और मिलीभगत का आरोप
सौंपे गए ज्ञापन में समाज के पदाधिकारियों ने उल्लेख किया है कि सेंट जेवियर स्कूल में एक शिक्षक द्वारा डरा-धमकाकर कई महीनों तक नाबालिग बच्ची के साथ शारीरिक शोषण किया जाता रहा। अत्यंत शर्मनाक बात यह है कि पीड़ित बच्ची द्वारा इस घटना की जानकारी स्कूल के प्राचार्य और स्टाफ को देने के बावजूद प्रबंधन ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। स्कूल प्रबंधन द्वारा आरोपी शिक्षक के खिलाफ कोई कदम न उठाने के कारण ही उसके हौसले बुलंद रहे और वह मनमानी करता रहा। समाज का स्पष्ट कहना है कि इस पूरे मामले में कथित आरोपी शिक्षक के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन भी बराबर का दोषी है।

समाज ने की ये प्रमुख मांगें:
आरोपी को फांसी की सजा: सर्व सेन समाज ने मांग की है कि इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले दुष्कर्मी शिक्षक को फांसी की सजा दी जाए।
जांच टीम का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की जाए, जो स्कूल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच करे और दोषियों को कठोर दंड दिलाए।
पीड़ित परिवार को मुआवजा:पीड़ित बच्ची और उसके परिवार की सुध लेते हुए उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को भी प्रतिलिपि प्रेषित
सामाजिक कल्याण समिति ने इस ज्ञापन की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री और माननीय गृहमंत्री को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और भविष्य में किसी भी शिक्षण संस्थान में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।

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