बचपन में मां का साया हटा, संघर्षों में पले और बढ़े, संगीत से पहचान बनाने वाले विकास डिक्सेना की असामयिक मौत से परिवार गहरे शोक में डूबा…तेरहवीं संस्कार आज
News by: हरेंद्र डिक्सेना, जिला ब्यूरो चीफ, जयवीरू न्यूज
कटघोरा।आज दिनांक 19 दिसंबर 2025, शुक्रवार को ग्राम डूडगा में अमृतलाल डिक्सेना के निवास पर स्वर्गीय विकास डिक्सेना की तेरहवीं संस्कार पर
रात्रिकालीन श्रीरामचरितमानस पाठ एवं भजन-कीर्तन का भावुक आयोजन रखा गया है।
कार्यक्रम समय: रात्रि 7:00 बजे से प्रभु इच्छा तक
स्वर्गीय विकास डिक्सेना का जीवन संघर्ष, साधना और संस्कारों की मिसाल रहा।
विकास को खैरागढ़ संगीत विद्यालय से संगीत का डिग्री भी मिला था
बचपन में ही मां का निधन हो जाने के बाद पिता अमृतलाल डिक्सेना ने अकेले ही विकास, उसकी छोटी बहन को माँ-बाप दोनों बनकर पालन-पोषण कर पढ़ाया-लिखाया और पैरों पर खड़ा किया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य को संवारने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

विकास ने खैरागढ़ के प्रतिष्ठित संगीत विद्यालय से शास्त्रीय संगीत में डिग्री प्राप्त कर संगीत को अपनी साधना बनाया। संगीत क्षेत्र में कार्य एवं नौकरी मिलने से परिवार में आशा की किरण जगी। लगभग 18 माह पूर्व ही विकास का विवाह हुआ था। बेटे के घर बसने से पिता को यह विश्वास हुआ था कि अब बुढ़ापे में सहारा मिलेगा।

लेकिन नियति को कुछ और ही स्वीकार था। अचानक आए हृदयाघात से विकास का असमय निधन हो गया। इस दुखद घटना ने पूरा परिवार भीतर से तोड़ दिया। पिता से जीवन का सहारा छिन गया, पत्नी का संसार उजड़ गया और छोटी बहन ने अपने बड़े भाई का साया खो दिया। आज परिवार का प्रत्येक सदस्य गहरे दुख और शोक में डूबा हुआ है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।

स्वर्गीय विकास की पुण्य स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में खैरागढ़ से पधारे शास्त्रीय संगीत के अनुभवी कलाकार रामचरितमानस पाठ एवं भजनों के माध्यम से उन्हें भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह आयोजन केवल धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि एक टूटे परिवार को संबल देने का प्रयास भी है।

यह समाचार विशेष रूप से विकास डिक्सेना के उन सभी मित्रों, गुरुभाइयों, सहपाठियों और शुभचिंतकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से दिया जा रहा है, जो ग्राम से बाहर निवासरत हैं और जिन्हें संभवतः अब तक इस दुखद समाचार की जानकारी नहीं मिल पाई होगी।

आयोजक परिवार द्वारा समस्त ग्रामवासी बंधुओं, रिश्तेदारों एवं विकास के सभी मित्रों से करबद्ध निवेदन किया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा एवं भजन श्रवण का पुण्य लाभ लें तथा दिवंगत आत्मा की शांति और शोक-संतप्त पूरे परिवार को धैर्य प्रदान करने हेतु प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करें।
🕖 कार्यक्रम समय: रात्रि 7:00 बजे से प्रभु इच्छा तक


