राज्य स्थापना दिवस पर सौर ऊर्जा से पहाड़ी कोरवा के घर जगमगाए

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौर ऊर्जा से घरों को रोशन करने के दिए थे निर्देश, कलेक्टर कोरबा के विशेष प्रयासों से अंधेरे में जगाई नई रोशनी
डीएमएफ से विशेष पिछड़ी जनजाति के 330 परिवारों को किया जा रहा है सौर ऊर्जा से रोशन

News by: हरेंद्र डिक्सेना, जिला ब्यूरो चीफ, जयवीरू न्यूज
कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर कोरबा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई किरण पहुँची है। ग्रामीण अंचलों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के घर अब सौर ऊर्जा से जगमगा उठे हैं। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सोच और कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशानुसार की गई पहल ने इन परिवारों के जीवन में उजियारे के साथ सम्मान का संचार किया है।यह पहल केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवता और विकास के गहरे भावों से जुड़ा प्रयास है। विशेष पिछड़ी जन जाति के परिवारों में अब सौर ऊर्जा ने वहाँ नई उम्मीद, नई प्रेरणा और नई रोशनी जलाई है। राज्य की रजत जयंती पर यह पहल “विकास की वास्तविक कहानी” बनकर उभर रही है ,एक ऐसी कहानी जो बताती है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में परिवर्तन लाना है।कलेक्टर अजीत वसंत का कहना है कि “प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सौर ऊर्जा से रोशन हुए ये घर केवल बिजली के नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता,सम्मान और नई शुरुआत के प्रतीक हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जन जाति के पूर्ण हुए 330 आवासों में अभी सौर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा से बिजली पहुंचाई जा रही है। शेष पीवीटीजी आवास पूर्ण होने पर उनमें भी सौर ऊर्जा से बिजली सुविधा दी जाएगी।प्रधानमंत्री जनमन योजना,डीएमएफ मद के द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर विद्युत योजना के अभिसरण मॉडल के रूप में यह कार्य न केवल ऊर्जा उपलब्धता का समाधान है, बल्कि एक सशक्त और सतत विकास की दिशा में ठोस कदम भी है। इन योजनाओं के अंतर्गत पहाड़ी कोरवा परिवारों को स्थायी आवास के साथ सौर ऊर्जा संयंत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे उन्हें 24 घंटे स्वच्छ और निःशुल्क बिजली मिल सकेगी।इन घरों में अब बच्चे रात में पढ़ पा रहे हैं और परिवारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सौर ऊर्जा की सुविधा मिलने से अब पीवीटीजी परिवारों को बिजली बिल से मुक्ति मिल गई है।पतरापाली निवासी बंधन सिंह कोरवा का कहना है कि बिजली से भी सस्ती और फायदेमंद सौर ऊर्जा से अब हमारे घर रोशन हैं, बच्चे पढ़ सकते हैं,सौर ऊर्जा सस्ती और सरल है।इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य में इन परिवारों को सौर ऊर्जा से अतिरिक्त बिजली विक्रय कर आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने कहा कि “यह पहल कोरबा जिले में विकास और संवेदना का अद्भुत संगम है। राज्योत्सव पर पहाड़ी कोरवा परिवारों के चेहरों पर जो खुशी और आत्मविश्वास झलक रहा है, वही हमारे प्रयासों की सबसे बड़ी सफलता है।” राज्य स्थापना दिवस और देवउठनी एकादशी के इस अवसर पर कोरबा प्रशासन ने न केवल घरों में उजियारा फैलाया है, बल्कि दिलों में भी उम्मीद की लौ प्रज्वलित की है। यह राज्योत्सव पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए केवल एक उत्सव नहीं बल्कि जीवन में नए उजाले और नए आरंभ का प्रतीक बन गया है।

