फुटका पहाड़ की ‘राम कचहरी’ पहुंचे ‘हनुमान अंश’ के अभिनेता शोभनव सत्या प्राचीन मान्यताओं और प्राकृतिक रहस्यों को देख हुए अभिभूत
कोरबा। छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला अपनी औद्योगिक पहचान के साथ-साथ समृद्ध पौराणिक मान्यताओं और प्राकृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। जिले के फुटका पहाड़ स्थित ‘राम कचहरी’ ऐसा ही एक स्थल है, जिसे स्थानीय लोग भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के वनवास काल से जोड़कर देखते हैं। इस पावन स्थल पर नगर निगम कोरबा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ में बाबा नीम करोली की भूमिका निभाकर चर्चा में आए अभिनेता शोभनव सत्य पहुंचे।

फुटका पहाड़ पहुंचने पर अभिनेता शोभनव सत्य ने सबसे पहले बजरंगबली के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने नई प्रतिमा पर सिंदूर अर्पित कर नमन किया। इसके बाद कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे के साथ राम कचहरी स्थल का दर्शन किया।
राम-सीता और लक्ष्मण के विग्रह हैं स्थापित
राम कचहरी में बने छोटे से मंदिर में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के सुंदर विग्रह स्थापित हैं। स्थानीय वनवासी समुदाय के लोग यहां नियमित रूप से पूजा-पाठ करते हैं। इस स्थल को लेकर क्षेत्र में गहरी धार्मिक आस्था है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वनवास काल के दौरान भगवान श्रीराम ने इस क्षेत्र में समय बिताया था और वनवासियों से संवाद किया था।
प्राकृतिक विशेषताएं भी खींचती हैं लोगों का ध्यान
राम कचहरी की पहचान यहां प्रचलित कुछ अनोखी प्राकृतिक विशेषताओं के कारण भी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां एक ऐसा वृक्ष मौजूद है, जिसकी छाल हटाने पर सिंदूरी रंग दिखाई देता है। इसके अलावा एक विशेष पत्थर पर हल्की चोट करने से मंदिर की घंटी जैसी गूंज सुनाई देने की बात भी कही जाती है। इन विशेषताओं और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर अभिनेता शोभनव सत्य अभिभूत नजर आए।
पौराणिक विरासत को पहचान दिलाने की उठी मांग
नगर निगम के आयोजन और फिल्मी जगत से जुड़े अभिनेता के यहां पहुंचने से फुटका पहाड़ स्थित राम कचहरी को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस आस्थास्थल का संरक्षण और विकास किया जाए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और आने वाली पीढ़ियां भी क्षेत्र की पौराणिक मान्यताओं, स्थानीय संस्कृति तथा प्राकृतिक विरासत से परिचित हो सकें।
फुटका पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और वनवासी समुदाय की गहरी आस्था से जुड़ा यह स्थल कोरबा की सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध करने की क्षमता रखता है।


