केंदई के स्वामी भजनानंद वनवासी सेवा आश्रम में सामूहिक विवाह से बंधन में बंधे 51 जोड़े, अमेरिका और लंदन से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी किया कन्यादान
स्वामी भजनानंद वनवासी सेवा आश्रम में 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

कोरबा (केंदई)। जनजातीय क्षेत्र केंदई स्थित स्वामी भजनानंद वनवासी सेवा आश्रम में सोमवार को 51 जनजातीय जोड़ों का सामूहिक विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। सेवा और सामाजिक सहयोग की भावना से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, श्रद्धालुओं तथा विभिन्न राज्यों से पहुंचे धर्मपालकों ने सहभागिता निभाई।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व में सहयोग प्रदान करना तथा नवदंपतियों को सम्मानजनक और सादगीपूर्ण शुरुआत देना रहा। सामूहिक विवाह के माध्यम से जहां परंपराओं का संरक्षण किया गया, वहीं सामाजिक एकजुटता और समरसता का संदेश भी दिया गया।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से आए धर्मपालक शामिल हुए। अमेरिका और लंदन से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी कन्यादान कर आयोजन में सहभागिता निभाई, जिससे कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी मिला।
सेवा गतिविधियों का विस्तार
आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर भजनानंद सरस्वती का केंदई क्षेत्र से विशेष लगाव रहा है, जिसके चलते यहां सेवा कार्यों का निरंतर विस्तार हुआ। वर्तमान में महामंडलेश्वर हरिहरानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में आश्रम धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों का संचालन कर रहा है।
शिक्षा और खेल को बढ़ावा
आश्रम द्वारा जनजातीय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा और खेल को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यहां मलखंब प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है तथा तीरंदाजी प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि क्षेत्र के बच्चे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
45 वर्षों की परंपरा
केंदई में विगत 45 वर्षों से आयोजित हो रहे विष्णु महायज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न यह सामूहिक विवाह समारोह क्षेत्र में सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर उभरा।
यह आयोजन न केवल जनजातीय समाज के लिए सहारा बना, बल्कि सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

