लगन और साधना का फल: शान्वी चतुर्वेदी बनीं राष्ट्रीय स्तर की कत्थक विजेता

कोरबा।जिले की होनहार बाल कलाकार शान्वी चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम गौरवान्वित किया है। भारत सांस्कृतिक परिषद द्वारा आयोजित “भारत संस्कृति उत्सव 2025” के अंतर्गत संपन्न ग्लोबल प्रतियोगिता एवं फेस्टिवल ऑफ इंडियन आर्ट एंड कल्चर में शान्वी ने कत्थक (बालकृष्ण सोलो) श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 26 से 31 दिसंबर तक सारत सदन, बेहाला, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए कलाकारों ने भाग लिया। कड़े प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में शान्वी ने अपने सधे हुए भाव, लयबद्ध पाद संचालन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से निर्णायकों को प्रभावित किया।

शान्वी चतुर्वेदी को यह सफलता प्रख्यात तबला वादक एवं कत्थक आचार्य पं. मोरध्वज वैष्णव से प्राप्त विधिवत प्रशिक्षण और निरंतर साधना का परिणाम है। उनकी प्रस्तुति में गुरु-शिष्य परंपरा की सशक्त झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

शान्वी के पिता अनूप चतुर्वेदी, जो वर्तमान में एसबीआई लाइफ, कुसमुंडा में पदस्थ हैं, तथा माता श्रीमती संध्या चतुर्वेदी ने उनके नियमित अभ्यास, अनुशासन और प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी शान्वी राजनांदगांव, भिलाई एवं पुणे में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कत्थक प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, गुरुजन, परिजन एवं कोरबा के सांस्कृतिक संगठनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शान्वी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

