देह दान : “अंतिम सांसों के बाद भी सेवा -देह दान की मिशाल
कोरबा। छत्तीसगढ़ — मानवता और समाजसेवा की मिसाल प्रस्तुत करते हुए ग्राम सरहर निवासी गुहा राम साहू (उम्र 84 वर्ष) के पार्थिव शरीर को उनके सुपुत्र द्वारा आज संत रामपाल जी महाराज के सत्संग ज्ञान से प्रेरित होकर चिकित्सा अध्ययन हेतु दान किया गया। यह देह-दान स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा को सम्मानपूर्वक सुपुर्द किया गया, जिससे भावी चिकित्सकों को शिक्षा और शोध में अमूल्य सहयोग मिलेगा।इस प्रेरक अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ. अविनाश, डॉ. योगिता, तथा डॉ. नीलेश महोबिया सहित अनेक वरिष्ठ सेवादार एवं उपस्थितजन ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। कोरबा जिला के अजय कुर्रे (जिला संयोजक), धरमदास, सुमिरन सिंह, गोरे कंवर, उमाशंकर पटेल, पंचराम पाटिल, कोरबा जिला की सत्संग संगत एवं परिवारजन उपस्थित रहे।इस अवसर पर जिला संयोजक अजय कुर्रे ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाजहित में कई महत्त्वपूर्ण मुहिमें चलाई जा रही हैं, जिनमें प्रमुख रूप से —
देह-दान, रक्तदान, नशामुक्त भारत, दहेज-रहित विवाह, मृत्यु भोज पर रोक, भ्रूण हत्या का विरोध, वृक्षारोपण, चोरी–डकैती–रिश्वतखोरी का त्याग तथा सबसे बड़ी सेवा “अन्नपूर्णा मुहिम”, जिसके अंतर्गत गरीब परिवारों को गोद लेकर आजीवन राशन, कपड़ा, मकान आदि की सहायता प्रदान की जा रही है।
इसके साथ ही हाल ही में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाकर हजारों लोगों को सहारा दिया गया।श्री गुहा राम साहू जी का देह-दान न केवल एक महान मानवीय योगदान है, बल्कि समाज को यह संदेश देता है कि सही ज्ञान और सेवा-भाव से प्रेरित व्यक्ति अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में भी समाजहित का अमिट उदाहरण स्थापित कर सकता है।

