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थोक दुकान में काम करता था 12वीं पास अखिलेश, कोरोना काल में जॉब छूटने पर खड़ी की फ्लोरा मैक्स कंपनी, कई शहरों में खोली ब्रांच

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के बहाने रकम निवेश कराकर धोखाधड़ी , प्रशासन को कारोबार की नहीं दी थी सूचना 

कोरबा। नाम: अखिलेश कुमार सिंह, पता: ईमलीडुग्गू कोरबा, शिक्षा: 12वीं पास…ये उस युवक की पहचान है जो फ्लोरा मैक्स कंपनी का मालिक (डायरेक्टर) है। जिसे कंपनी में जुड़ी लीडर और मेंबर “AK” भईया के नाम से पुकारती थी।  फ्लोरा मैक्स कुछ दिनों पहले तक 100 करोड़ से अधिक की कारोबार करने वाली कंपनी बन गई थी। कंपनी में करीब 30 हजार महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने के लिए लोन लेकर 30-30 हजार रुपए का निवेश किया है। इस माह कंपनी द्वारा धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आने के बाद अब अखिलेश पुलिस रिमांड पर है। पुलिस उससे पूछताछ करते हुए पूरे मामले में बारिकी से जांच-पड़ताल कर रही है।

फ्लोरा मैक्स कंपनी के मालिक अखिलेश के अतीत पर जाएंगे तो किसी को यकीन नहीं होगा कि महज 3 साल में वह जमीन से आसमान तक पहुंच गया। ईमलीडुग्गू में रहने वाले अखिलेश का परिवार मध्यम वर्गीय है। कोरोना काल से पहले तक अखिलेश शहर के उषा काम्पलेक्स के पास एक मनिहारी की थोक दुकान में सेल्समैन का काम करता था। कोरोना काल में वहां से जॉब छूट गया। घर में खाली रहते हुए अखिलेश ने यूट्यूब देखकर फ्लोरा मैक्स यूट्यूब चैनल शुरू किया। फिर गांव-गांव पैदल घूमकर वह कैंप लगाकर फ्लोरा मैक्स स्वरोजगार अभियान का प्रचार करने लगा। 6 माह तक लगातार प्रयास के बाद जनवरी 2021 में उरगा के सेमीपाली गांव में उसके अभियान से कुछ महिलाएं जुड़ी। जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने का दावा करते भरोसे में लिया। उन्होंने ही सबसे पहले 30-30 हजार रुपए लोन लेकर अखिलेश की फ्लोरा मैक्स कंपनी में निवेश किया। इसके बाद उन्हें हर माह फायदा मिलने लगा तो उन्होंने अखिलेश के कहने पर 10-10 महिलाओं की समिति बनाकर उन्हें जोड़ा। इस तरह हर महिने खाते में रकम पहुंचने से महिलाएं जुड़ती चली गई। अब कोरबा ही नहीं पड़ोसी जिला जांजगीर-चांपा, सक्ती, सूरजपुर, अंबिकापुर व रायगढ़ तक कंपनी का जाल फैल गया था। लेकिन धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद सिटी कोतवाली में गुरुवार को केस दर्ज किया गया। डायरेक्टर अखिलेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर लेकर पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी है। जांच में अब तक 27 हजार महिलाओं के कंपनी में रकम निवेश करने का डाटा मिल चुका है।  

फर्जी आईटी की छापेमारी के बाद भी चलती रही कंपनी 

2 साल तक सेमीपाली में फ्लोरा मैक्स कंपनी का सेंटर चलाने के बाद जब बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ गई तो 1 साल पहले डायरेक्टर अखिलेश ने शहर के सिटी सेंटर मॉल में कंपनी का सेंटर शिफ्ट कर लिया। जहां कपड़ा, मनिहारी, राशन व चप्पल-जूता के थोक व्यापारियों को जोड़कर बड़े स्तर पर कारोबार शुरू किया गया। कुछ माह पहले सायबर सेल व आईटी की फर्जी छापेमारी के बाद भी कंपनी का कारोबार चलता रहा। अक्टूबर तक कंपनी कारोबार करती रही और निवेशक महिलाओं को पैसा मिलता रहा। लेकिन इस माह के शुरूआत में महिलाओं का भुगतान रूक गया। अखिलेश ने कंपनी से जुड़े लोगों का खाता होल्ड बताकर टॉप लीडर समेत अन्य लीडरों को रकम निवेश करके कंपनी का कारोबार जारी रखने को कहा। इसके बाद कंपनी द्वारा धोखाधड़ी करने का मामला फूटा।

बैंकों से लोन लेकर कंपनी में निवेश, अब चिंतित हर कोई 

अखिलेश ने सेमीपाली गांव से अपनी कंपनी में प्रथम जुड़ने वाली 9 महिलाएं संतोषी साहू, हेमा ताड़िया, ओमेश्वरी नायडू, सरिता वैष्णव, हेमबाई यादव, पूनम मूदलीयार, कल्याणी नामदेव, सरोजनी वैष्णव, सरोजनी चंद्रा समेत अपनी भाभी गुड़िया सिंह को कंपनी का टॉप-10 लीडर बनाया है। कंपनी का पूरा कारोबार इन्हीं लीडरों के दस्तावेज व बैंक खातों के जरिए चलाए जा रहे हैं। अब महिलाओं से निवेश कराकर धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद जहां पुलिस को दिए बयान में अखिलेश उसके खिलाफ शिकायत करने वाली टॉप लीडरों पर रकम हेराफेरी कर कंपनी को डूबाने का आरोप लगा रहा है। वहीं जिन टॉप लीडरों पर आरोप लग रहा है उन्होंने अखिलेश द्वारा उन्हें भरोसे में लेकर अपनी भाभी गुड़िया सिंह समेत कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक वे कम पढ़ी-लिखी है। उनका बैंक खाता, हस्ताक्षर वाले कोरे चैक अखिलेश रखकर लेनदेन करता था।

छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की कार्रवाई 

फ्लोरा मैक्स कंपनी में चिटफंड कंपनियों के तर्ज पर महिलाओं से रकम निवेश कराया गया। दूसरी ओर प्रशासन को फ्लोरा मैक्स के गतिविधियों की सूचना भी नहीं दी गई थी। मामले में अब पुलिस ने निवेशकों को ठगी या जालसाजी में फांसने वाली कंपनियों पर राज्य में नया कानून के तहत लागू छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की है। इससे पहले ही अखिलेश सिंह समेत उसके भाई राजू सिंह, भाभी गुड़िया सिंह, कैशियर मयाराम साहू, पहली टॉप लीडर संतोषी साहू, तनिषा बघेल व बलराम सिंह ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज है।